सिक्किम के राज्य गठन के 51वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के एक लेख को साझा करते हुए कंचनजंगा को सिक्किम की “भूमि, विरासत और चेतना का संरक्षक” बताया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि कंचनजंगा केवल हिमालय की एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि सिक्किम की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कंचनजंगा से जुड़े “पांच खजाने” राज्य को ‘विकसित सिक्किम 2047’ की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दे रहे हैं।

अपने लेख में सिंधिया ने लिखा कि कंचनजंगा सदियों से स्थानीय लोककथाओं और परंपराओं का हिस्सा रहा है। सिक्किम का बड़ा भूभाग कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आता है, जो प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

उन्होंने बताया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार कंचनजंगा की पांच चोटियां सोना, चांदी, रत्न, अनाज और पवित्र ज्ञान के प्रतीक मानी जाती हैं। ये पांचों तत्व सिक्किम की संस्कृति, प्रकृति, आध्यात्मिकता, कृषि और शिक्षा की समृद्धि को दर्शाते हैं।

सिंधिया ने कहा कि सिक्किम सामाजिक सद्भाव, जैविक खेती और सतत विकास का मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है। राज्य की नदियां, पहाड़, मठ और आध्यात्मिक स्थल इसकी अनूठी पहचान को और मजबूत करते हैं। साथ ही शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में हो रहा विकास भविष्य के भारत के लिए नई संभावनाएं तैयार कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *