12वां ब्रिक्स संसदीय फोरम आज से शुरू, पीएम मोदी होंगे शामिल

भारत में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की शुरुआत 26 अक्टूबर से होगी। दो दिवसीय सम्मेलन में संसदीय सहयोग, जन-केंद्रित विकास और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर भारत-रूस संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा की।

Oct 26, 2026 - 09:24
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12वां ब्रिक्स संसदीय फोरम आज से शुरू, पीएम मोदी होंगे शामिल

नई दिल्ली: संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में सोमवार, 26 अक्टूबर से 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन शुरू होगा। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में संसदीय सहयोग को मजबूत करने और जन-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा होगी।

26 और 27 अक्टूबर को होगा आयोजन

यह फोरम 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे और विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप विकास में संसदों की भूमिका को मजबूत करना है।

ओम बिरला की रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात

फोरम की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। रूसी दल का नेतृत्व रूसी संघ की फेडरल असेंबली के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने किया।

बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संसदीय सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। ओम बिरला ने भारतीय संसद और देश की जनता की ओर से रूसी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत-रूस संबंधों को आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों पर आधारित दीर्घकालिक मित्रता बताया।

आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर जोर

आधिकारिक बयान के मुताबिक, ओम बिरला ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को रूस से मिले निरंतर समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक चुनौती का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

भारत और रूस के राजनयिक संबंध वर्ष 2027 में 80 साल पूरे करेंगे। इस संदर्भ में बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में दोनों देशों की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हुई है।

‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ मुख्य विषय

ओम बिरला ने इससे पहले संसद भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि 12वां ब्रिक्स संसदीय फोरम भारत की संसदीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता, पीठासीन अधिकारी, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य गणमान्य लोग भाग लेंगे।

फोरम का व्यापक विषय ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ है। इसके तहत इस बात पर विचार किया जाएगा कि संसदीय संस्थाएं नागरिकों की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकास नीतियों को आगे बढ़ाने में किस तरह प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

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