भारत ने जापान को 4-1 से हराया, एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जालंधर में जापान को 4-1 से हराकर एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। अभिषेक ने अपने 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में दो गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह और विष्णु कांत सिंह ने एक-एक गोल किया। इस जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए जापान को 4-1 से शिकस्त दी। शुक्रवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और विष्णु कांत सिंह ने एक-एक गोल किया, जबकि अभिषेक ने दो बार गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अपने करियर का 150वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे अभिषेक को दो गोल करने के शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में अभिषेक ने दागे दो गोल
भारत की ओर से अभिषेक ने 11वें और 51वें मिनट में गोल किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि विष्णु कांत सिंह ने 56वें मिनट में शानदार व्यक्तिगत प्रयास से टीम के लिए चौथा गोल किया।
जापान की ओर से शोता यामादा ने 15वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया। इस तरह भारतीय टीम ने मुकाबला 4-1 से अपने नाम किया। अभिषेक के लिए यह मैच इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपने 150वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में दो गोल करके इस उपलब्धि को यादगार बना दिया।
पहले क्वार्टर में भारत और जापान ने किया एक-एक गोल
भारतीय टीम ने मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे। विष्णु कांत और अंगद बीर सिंह को मौका मिला, जबकि मनदीप सिंह और नीलकांता शर्मा को आराम दिया गया।
जापान ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और दूसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। हालांकि, टीम इस मौके को गोल में नहीं बदल सकी। भारत ने 11वें मिनट में बढ़त बनाई। विवेक सागर प्रसाद ने सर्कल के बाईं ओर सुखजीत सिंह को गेंद दी। सुखजीत ने तेजी से गेंद अभिषेक की तरफ बढ़ाई और उन्होंने शानदार फिनिशिंग के साथ भारत को 1-0 से आगे कर दिया।
पहले क्वार्टर के अंतिम समय में जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। गोल लाइन पर गेंद संजय की बांह से टकराने के बाद अंपायर ने जापान को यह मौका दिया। शोता यामादा ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया।
दूसरे क्वार्टर में जापान ने बनाए रखी चुनौती
दूसरे क्वार्टर में जापान ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और भारतीय टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। उसके मजबूत डिफेंस के कारण भारत को गोल करने के ज्यादा मौके नहीं मिले।
जापान के हारुकी ओचियाई ने बाईं ओर से त्सुबासा तनाका को पास दिया, लेकिन भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने आगे बढ़कर हमले को रोक दिया। 24वें मिनट में अंगद बीर सिंह को बैकहैंड शॉट पर गोल करने का मौका मिला, लेकिन जापानी गोलकीपर ने उसे बचा लिया।
इसके बाद 27वें मिनट में हरमनप्रीत और अभिषेक ने मिलकर अच्छा मूव बनाया, लेकिन भारत को सफलता नहीं मिली। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं।
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बढ़ाया दबाव
हाफ टाइम के बाद भारत ने बेहतर तालमेल के साथ खेलना शुरू किया और गेंद पर अपना नियंत्रण बढ़ाया। 32वें मिनट में सुखजीत सिंह के पास गोल करने का मौका आया, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के ऊपर से निकल गया।
36वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन कप्तान राइकी फुजीशिमा भारतीय डिफेंस को भेद नहीं सके। दूसरी ओर, भारत की तरफ से शिलानंद लाकड़ा ने जोरदार शॉट लगाया, जिसे जापानी गोलकीपर ने रोक दिया।
हरमनप्रीत के पेनल्टी कॉर्नर से भारत को बढ़त
मुकाबले के 47वें मिनट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग-फ्लिक लगाते हुए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ भारत ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।
टूर्नामेंट में हरमनप्रीत का यह पांचवां गोल था। खास बात यह रही कि उनके सभी पांच गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए।
अभिषेक और विष्णु कांत ने जीत पर लगाई मुहर
भारत ने 51वें मिनट में अपनी बढ़त को 3-1 कर दिया। दिलप्रीत सिंह ने बाईं ओर संजय को पास दिया और संजय ने गेंद अभिषेक तक पहुंचाई। अभिषेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपना दूसरा गोल दाग दिया।
इसके पांच मिनट बाद 56वें मिनट में विष्णु कांत सिंह ने बेहतरीन व्यक्तिगत कौशल दिखाया। उन्होंने सर्कल के बाहर हरमनप्रीत के लंबे एरियल पास को नियंत्रित किया और आगे बढ़ते हुए गेंद को जापानी गोलकीपर के पास से गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने 4-1 की मजबूत बढ़त बना ली, जिसे टीम ने मैच खत्म होने तक बरकरार रखा।
अभिषेक ने बताया टीम की रणनीति का राज
प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए अभिषेक ने बताया कि भारतीय टीम का लक्ष्य आखिरी क्वार्टर में खेल पर नियंत्रण बनाकर जापान पर दबाव बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि हाफ टाइम के दौरान कोच क्रेग फुल्टन ने खिलाड़ियों को आक्रामक होकर खेलने और प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
अभिषेक के मुताबिक, टीम लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की कोशिश कर रही थी। भारत को जब पहला मौका मिला तो हरमनप्रीत ने उसे गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिला दी।
मलेशिया ने भी सेमीफाइनल में बनाई जगह
शुक्रवार को खेले गए अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने बांग्लादेश को 6-1 से हराया। इस जीत के साथ मलेशिया ने भी लगातार तीसरा मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। वहीं, दक्षिण कोरिया ने चीन को 2-1 से मात दी।
अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंचा भारत
जापान के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम तीन मैचों में नौ अंकों और प्लस 19 के गोल अंतर के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई। मलेशिया के भी नौ अंक हैं, लेकिन प्लस 8 के गोल अंतर के कारण वह दूसरे स्थान पर है।
जापान छह अंकों के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया तीन अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश को अपने शुरुआती तीनों मुकाबलों में हार मिली है और दोनों टीमों का अंक तालिका में खाता नहीं खुला है।
रविवार को मलेशिया से होगा भारत का मुकाबला
भारतीय टीम अब रविवार को जालंधर में मलेशिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। लगातार तीन जीत के बाद टीम इंडिया की कोशिश अपनी लय बनाए रखने और अंक तालिका में शीर्ष स्थान को मजबूत करने की होगी।
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