North Korea Missile Launch: उत्तर कोरिया ने दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें, 600 KM से ज्यादा गई दूसरी मिसाइल
उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर 2026 को पूर्वी समुद्र की ओर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया के अनुसार पहली मिसाइल करीब 450 KM और दूसरी 600 KM से अधिक दूरी तक गई। जापान और दक्षिण कोरिया ने प्रक्षेपण के बाद निगरानी बढ़ा दी।
उत्तर कोरिया ने रविवार को पूर्वी समुद्र यानी ईस्ट सी की ओर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ा दिया। दक्षिण कोरिया और जापान ने इन प्रक्षेपणों की पुष्टि की है। दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक दोनों मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान क्षेत्र से छोड़ी गईं। पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की, जबकि दूसरी 600 किलोमीटर से अधिक दूर तक गई।
वॉनसान से हुआ पहला प्रक्षेपण
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि पहली मिसाइल का प्रक्षेपण स्थानीय समयानुसार करीब दोपहर 3 बजे हुआ। शुरुआती आकलन में इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बताया गया है। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इसकी सटीक तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रही हैं।
इसके कुछ घंटे बाद उत्तर कोरिया ने इसी इलाके से दूसरी मिसाइल भी दागी। रिपोर्टों के मुताबिक दूसरा प्रक्षेपण शाम करीब 5:50 बजे हुआ और मिसाइल ने 600 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
जापान ने भी जारी किया अलर्ट
मिसाइल प्रक्षेपण के बाद जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय ने निगरानी बढ़ा दी। जापानी अधिकारियों ने प्रक्षेपण को संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल से जुड़ा बताया। जापानी मीडिया के अनुसार पहली मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी।
दक्षिण कोरिया ने भी अतिरिक्त मिसाइल प्रक्षेपण की आशंका को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ाने की बात कही। सियोल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने आपात बैठक कर प्रक्षेपण के प्रभाव और संभावित सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया और उत्तर कोरिया से ऐसे कदम रोकने की अपील की।
अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास से जुड़ा तनाव
उत्तर कोरिया का यह कदम अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यास के बाद सामने आया है। तीनों देशों ने 7 से 11 सितंबर तक ‘Freedom Edge 26’ नाम से पांच दिवसीय बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास किया था। इसमें समुद्री, हवाई, साइबर और मिसाइल रक्षा से जुड़ी क्षमताओं पर प्रशिक्षण शामिल था।
प्योंगयांग इन सैन्य गतिविधियों को अपने खिलाफ सुरक्षा खतरे के रूप में देखता रहा है। 17 सितंबर को किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने भी अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यासों की आलोचना करते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों को खतरा होने पर जवाबी कदम उठाएगा।
आईएईए के प्रस्ताव के बाद भी परमाणु नीति पर अड़ा उत्तर कोरिया
मिसाइल प्रक्षेपण से ठीक पहले उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के एक प्रस्ताव को खारिज किया था। किम यो जोंग और उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने कहा कि देश अपनी परमाणु क्षमता को बनाए रखने और मजबूत करने की नीति से पीछे नहीं हटेगा। प्योंगयांग ने अपने परमाणु दर्जे को अपरिवर्तनीय बताया है।
इस घटनाक्रम के बीच रविवार के दो मिसाइल परीक्षणों ने कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता फिर बढ़ा दी है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए हैं। फिलहाल उत्तर कोरिया की ओर से इन दोनों प्रक्षेपणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
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