रुपये की गिरावट पर निर्मला सीतारमण का बयान, RBI की रणनीति स्पष्ट
रुपये में उतार-चढ़ाव के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने RBI की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक किसी निश्चित विनिमय दर के बजाय विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता पर ध्यान देता है।
नई दिल्ली: भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का उद्देश्य रुपये को किसी निश्चित स्तर पर बनाए रखना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता और व्यवस्थित परिस्थितियां सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण रुपये पर दबाव है और केंद्रीय बैंक बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा।
विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता पर RBI का जोर
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने कहा कि RBI नियामकीय उपायों के जरिए रुपये में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है। उनके मुताबिक, केंद्रीय बैंक किसी खास विनिमय दर का बचाव करने के बजाय बाजार में अनावश्यक अस्थिरता को नियंत्रित करने पर ध्यान देता है।
सीतारमण ने संकेत दिया कि आवश्यकता के अनुसार आगे भी ऐसे कदम जारी रह सकते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रुपये में गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा बाजार को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई उपाय किए हैं।
रुपये को सहारा देने के लिए RBI के कई कदम
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में RBI ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों के लिए विशेष डॉलर लिक्विडिटी विंडो शुरू की थी। इसके अलावा, रद्द किए गए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंधों को दोबारा बुक करने से जुड़े नियमों को सख्त किया गया।
केंद्रीय बैंक ने कुछ ऐसे डेरिवेटिव लेनदेन की सीमा भी घटाई, जिनके पीछे वास्तविक विदेशी मुद्रा एक्सपोजर नहीं था। इन लेनदेन की सीमा 100 मिलियन डॉलर से घटाकर 5 मिलियन डॉलर किए जाने का उल्लेख किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य बाजार में डॉलर की मांग और मुद्रा विनिमय में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना बताया गया।
रुपये की कमजोरी के पीछे वैश्विक कारण
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार और नीति-निर्माता मजबूत व्यापक आर्थिक आधार बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं। इसमें राजकोषीय अनुशासन और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार की अहम भूमिका है।
सीतारमण के अनुसार, रुपये की हालिया कमजोरी के पीछे कई ऐसे कारक हैं जो भारत के सीधे नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने पिछले डेढ़ साल के दौरान रुपये की कीमत में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे लेकर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती की खबर
दिए गए विवरण के मुताबिक, मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 77 पैसे मजबूत होकर 95.05 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, मुद्रा बाजार में विनिमय दर लगातार बदलती रहती है और दिन के दौरान इसमें फिर उतार-चढ़ाव हो सकता है।
वित्त मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था के व्यापक आधार पर भरोसा जताते हुए कहा कि RBI बाजार की स्थिति पर नजर रखेगा। जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)