UNICEF ने की भारत में लड़कियों की शिक्षा में सुधार की तारीफ, AI पर जोर

संयुक्त राष्ट्र में UNICEF की उप कार्यकारी निदेशक हनान सुलेमान ने भारत में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तीकरण में प्रगति की सराहना की। पी. हरीश समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने AI और डिजिटल शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।

Oct 13, 2026 - 11:55
0 0
UNICEF ने की भारत में लड़कियों की शिक्षा में सुधार की तारीफ, AI पर जोर

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की उप कार्यकारी निदेशक हनान सुलेमान ने भारत में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत में लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसरों में सुधार का असर देश की सीमाओं से आगे तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक, निरंतर निवेश, सामुदायिक भागीदारी और प्रभावी नीतियों के माध्यम से समाज में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है। <Cite refs={["turn875212search0","turn875212search4"]}/>

भारत में लड़कियों की शिक्षा में सुधार को बताया अहम

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर भारत और सिएरा लियोन की ओर से आयोजित संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में हनान सुलेमान ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह बदलाव परिवारों में लड़कियों की शिक्षा और उनके महत्व को लेकर बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाता है।

उन्होंने भारत की विशाल किशोर आबादी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लगभग 25.3 करोड़ किशोर हैं। ऐसे में लड़कियों के सशक्तीकरण की दिशा में भारत की प्रगति का महत्व वैश्विक स्तर पर भी है।

इंजीनियरिंग शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उदाहरण

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने लड़कियों और महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के महत्व पर बात की। उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए अपने छात्र जीवन और मौजूदा स्थिति के बीच अंतर बताया।

हरीश के अनुसार, जब वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र थे, तब उनकी कक्षा में कोई लड़की नहीं थी। उस समय इस विषय को मुख्य रूप से पुरुषों से जुड़ा क्षेत्र माना जाता था। उन्होंने कहा कि अब उनके विश्वविद्यालय में कुछ कक्षाओं में लड़कियों की भागीदारी लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

उनके इस उदाहरण का उद्देश्य शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए खुलते अवसरों को रेखांकित करना था।

AI क्षेत्र में भी लड़कियों और महिलाओं को मिले अवसर

पी. हरीश ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने तकनीकी उद्योग में पुरुषों की प्रमुखता की ओर इशारा करते हुए कहा कि एआई का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें लड़कियों और महिलाओं की जरूरतों तथा योगदान को भी पर्याप्त स्थान मिले।

उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल टूल्स के माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में भारत के प्रयासों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, एआई आधारित ट्यूटोरियल और बच्चों के अनुकूल अध्ययन सामग्री तैयार करने से सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

सिएरा लियोन ने लड़कियों में निवेश को बताया समाज की मजबूती का आधार

सिएरा लियोन की उप विदेश मंत्री जेनेबा बंगुरा ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा, अधिकारों और विकास में निवेश का सकारात्मक प्रभाव परिवारों से लेकर पूरे देश तक दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि लड़कियों को आगे बढ़ाने से परिवार, समुदाय और राष्ट्र मजबूत होते हैं। उनके अनुसार, लड़कियां केवल सहायता की जरूरत रखने वाली आबादी नहीं हैं, बल्कि वे नेतृत्व, नवाचार, शांति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली शक्ति भी हैं।

लाइबेरिया और अल्जीरिया ने भी रखे विचार

लाइबेरिया के स्थायी प्रतिनिधि लुईस ब्राउन ने अपने देश के गृहयुद्धों के दौरान शांति स्थापना में महिलाओं की भूमिका को याद किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं के सामूहिक प्रयासों ने समुदायों को संगठित करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में योगदान दिया था।

वहीं, अल्जीरिया के स्थायी प्रतिनिधि अमर बेंदजामा ने कहा कि आज लड़कियों के लिए बनाए जाने वाले अवसर उनके भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करते हैं। उन्होंने लड़कियों के अधिकारों, कल्याण और शिक्षा में निवेश को साझा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

लड़कियों की शिक्षा और डिजिटल समानता पर वैश्विक ध्यान

संयुक्त राष्ट्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों को शिक्षा, तकनीक और नेतृत्व के क्षेत्रों में समान अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा के साथ डिजिटल संसाधनों तक पहुंच और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम का व्यापक संदेश यही रहा कि लड़कियों की शिक्षा और सशक्तीकरण में निरंतर निवेश से न केवल उनके व्यक्तिगत अवसर बढ़ते हैं, बल्कि परिवारों, समुदायों और समाज के दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User