Oman Tanker Attack: ओमान में टैंकर पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय नाविक लापता
ओमान के सोहार एंकरेज के पास क्रूड ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं। यूकेएमटीओ ने हमले की पुष्टि की है। वहीं, ईरान के अधिकारी मोहसेन रेजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया है।
नई दिल्ली: ओमान के सोहार एंकरेज के पास एक क्रूड ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हो गए हैं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने घटना की पुष्टि की है। भारतीय अधिकारियों और ओमान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से लापता नाविकों की तलाश और उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क किया जा रहा है।
सोहार के पास टैंकर को बनाया गया निशाना
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, ओमान के सोहार एंकरेज के नजदीक एक टैंकर से जुड़ी घटना की सूचना मिलने के बाद जांच की गई। एजेंसी ने बाद में पुष्टि की कि जहाज को एक मानवरहित हवाई वाहन यानी ड्रोन से निशाना बनाया गया था।
शुरुआती जानकारी में घटना के पर्यावरणीय प्रभाव और जहाज को हुए नुकसान का पूरा आकलन उपलब्ध नहीं था। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दो भारतीय नाविक लापता, तलाश जारी
हमले के बाद टैंकर पर सवार दो भारतीय नाविकों के लापता होने की सूचना सामने आई है। उनकी तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों और बचाव दलों के प्रयास जारी हैं। भारतीय पक्ष भी नाविकों की स्थिति जानने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नया बयान
इसी बीच, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर भी एक अहम बयान सामने आया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा है कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और संघर्ष समाप्त करने से जुड़ी ईरान की सात शर्तों में से कुछ को स्वीकार किया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया।
रेजाई के मुताबिक, कुछ मुद्दों पर अमेरिका की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी बेड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में सफल नहीं रहा और इसके बाद वाशिंगटन ने दूसरे रास्तों का सहारा लिया।
सात दिन में सामान्य जहाजरानी बहाल करने का प्रस्ताव
ईरान की ओर से दावा किया गया है कि यदि अमेरिका उसकी सभी शर्तें मान लेता है, तो सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल की जा सकती है। रेजाई के अनुसार, अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अपना जवाब भेजा है।
हालांकि, ईरान के बयान से यह स्पष्ट नहीं होता कि दोनों पक्षों के बीच किसी अंतिम समझौते पर सहमति बन गई है। ऐसे में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जहाजरानी की बहाली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
ओमान के तट के पास टैंकर पर हुआ ड्रोन हमला और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी कूटनीतिक खींचतान क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को सामने लाती है।
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