Jammu Kashmir: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का किया दौरा, सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा कर नियंत्रण रेखा और अंदरूनी क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति व अभियानगत तैयारियों की समीक्षा की। तंगधार में उन्होंने ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ के तहत चल रहे विशेष नेत्र चिकित्सा शिविर का भी जायजा लिया।
श्रीनगर: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय सेना की अभियानगत तैयारियों का जायजा लेने के लिए चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) और अंदरूनी क्षेत्रों में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा तैनात सैनिकों से बातचीत की।
सेना प्रमुख को स्थानीय सैन्य कमांडरों ने क्षेत्र के मौजूदा सुरक्षा माहौल, नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। उन्हें अभियानगत क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना को तैयार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया गया।
जनरल धीराज सेठ ने अग्रिम इलाकों में तैनात सैनिकों की सतर्कता और पेशेवर रवैये की सराहना की। उन्होंने ‘विजय’ नामक पांच-बिंदु मार्गदर्शक ढांचे पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना को बदलते सुरक्षा माहौल और विभिन्न प्रकार के अभियानों के लिए तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाना है।
सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सेना, नागरिक प्रशासन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया।
तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ की समीक्षा
दौरे के दौरान तंगधार में जनरल धीराज सेठ ने भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ के तहत आयोजित उन्नत नेत्र चिकित्सा शिविर का भी जायजा लिया। इस पहल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शिविर में सेवारत सैन्यकर्मियों के साथ-साथ वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और स्थानीय नागरिकों को भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नई दिल्ली स्थित सेना अस्पताल अनुसंधान एवं रेफरल तथा श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल की विशेषज्ञ टीमें इस अभियान में सेवाएं दे रही हैं।
सेना के इस चिकित्सा अभियान के तहत बड़ी संख्या में मरीजों की जांच और जरूरत के अनुसार नेत्र शल्य चिकित्सा किए जाने की योजना है। उपलब्ध रिपोर्टों में अभियान के तहत करीब 6,000 मरीजों की स्क्रीनिंग और 400 से अधिक नेत्र सर्जरी का लक्ष्य बताया गया है।
सेना प्रमुख का यह दौरा एक ओर जम्मू-कश्मीर में अभियानगत तैयारियों की समीक्षा से जुड़ा रहा, वहीं दूसरी ओर दूरदराज के क्षेत्रों में सैन्य चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल को भी सामने लाता है।
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