PM GatiShakti: 18.66 लाख करोड़ की 396 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परियोजनाओं की एकीकृत योजना बनाई जा रही है। सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, 18.66 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 396 बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है।
नई दिल्ली: देश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए शुरू की गई पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत बड़े पैमाने पर परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। सोमवार को जारी सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, 11 अगस्त 2026 तक कुल 18.66 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 396 बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका था। इनमें से 256 परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई थी, जबकि 198 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बेहतर होगी इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को जियोस्पेशियल डेटा, सैटेलाइट तस्वीरों और विश्लेषण से जुड़े टूल्स उपलब्ध कराता है। इससे विकास परियोजनाओं की योजना तैयार करने और अलग-अलग परिवहन नेटवर्क के बीच तालमेल बनाने में मदद मिलती है।
यह प्लेटफॉर्म सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे और अन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को आर्थिक तथा सामाजिक विकास से जुड़े केंद्रों के साथ जोड़कर देखता है। इसके माध्यम से कनेक्टिविटी की कमियों की पहचान की जा सकती है और परियोजनाओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है।
टेक्सटाइल से लेकर फार्मा क्लस्टर तक की मैपिंग
पीएम गतिशक्ति के तहत टेक्सटाइल और फार्मास्युटिकल क्लस्टर, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर, फिशिंग क्लस्टर और कृषि क्षेत्रों जैसे आर्थिक केंद्रों की मैपिंग की जाती है। इसका उद्देश्य उत्पादन केंद्रों को परिवहन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
उदाहरण के तौर पर, बिहार के खगड़िया-पूर्णिया कॉरिडोर को पांच पीएम गतिशक्ति आर्थिक केंद्रों और 11 लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जोड़ने की योजना बताई गई है। इनमें टेक्सटाइल क्लस्टर, मेगा फूड पार्क और फिशिंग या सीफूड पार्क जैसे केंद्र शामिल हैं। इससे माल की ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
पांच वर्षों में देशव्यापी योजना ढांचे का विस्तार
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान की शुरुआत 13 अक्टूबर 2021 को हुई थी। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डेटा को एक साझा GIS आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था के जरिए सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और उपयोगिता सेवाओं की योजना को एक साथ तैयार किया जा सकता है। इससे अलग-अलग परियोजनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने, अनावश्यक खर्च घटाने और निर्माण में लगने वाले समय को कम करने में सहायता मिल सकती है।
छह सिद्धांत और सात प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र
पीएम गतिशक्ति का ढांचा एकीकृत विकास, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, अंतिम छोर तक संपर्क, परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में तेजी, मंजूरियों की प्रक्रिया को सुगम बनाने और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने जैसे सिद्धांतों पर आधारित है।
इसके सात प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र हैं:
- सड़कें
- रेलवे
- बंदरगाह
- जलमार्ग
- हवाई अड्डे
- मास ट्रांसपोर्ट
- लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर
इन क्षेत्रों की संयुक्त योजना से परिवहन नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल बनाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
58 केंद्रीय विभाग और सभी राज्य-केंद्र शासित प्रदेश शामिल
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, नेशनल मास्टर प्लान में 58 केंद्रीय मंत्रालय और विभाग तथा सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। सार्वजनिक प्लेटफॉर्म के जरिए 230 स्वीकृत डेटासेट तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
12 अक्टूबर तक GIS प्लेटफॉर्म पर 23,493 से अधिक डेटा लेयर उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इनका इस्तेमाल साइट विश्लेषण, कनेक्टिविटी की जांच और नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन में किया जा सकता है।
पीएम गतिशक्ति का उद्देश्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को अधिक समन्वित और डेटा आधारित बनाना है, ताकि परियोजनाओं की योजना से लेकर उनके क्रियान्वयन तक विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
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