भारत के बिग कैट अलायंस में शामिल हुआ घाना, एस. जयशंकर को सौंपा स्वीकृति पत्र
घाना ने भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुदजेटो अबलाकवा ने एस. जयशंकर को स्वीकृति पत्र सौंपा। जानिए इस गठबंधन का उद्देश्य और वन्यजीव संरक्षण में इसकी भूमिका।
भारत और घाना के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। पश्चिम अफ्रीकी देश घाना ने भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस अवसर पर घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुदजेटो अबलाकवा ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को सदस्यता से संबंधित स्वीकृति पत्र सौंपा।
एस. जयशंकर इन दिनों तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव घाना रहा, जबकि कार्यक्रम में कोट डी आइवर और इथियोपिया की यात्रा भी शामिल है। घाना में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के दौरान IBCA की सदस्यता से जुड़ा यह पत्र सौंपा गया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करके इस घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने घाना के अपने समकक्ष से इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने का स्वीकृति पत्र मिलने पर प्रसन्नता जताई। इस पोस्ट के साथ उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए।
घाना के गठबंधन में शामिल होने से बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या है इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस?
इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस एक संधि-आधारित अंतरसरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य बड़ी बिल्ली प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना है। इसके दायरे में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा जैसी सात प्रजातियां शामिल हैं।
यह गठबंधन सदस्य देशों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संरक्षण संबंधी अनुभव, वैज्ञानिक जानकारी, विशेषज्ञता और तकनीकी संसाधनों को साझा करने के लिए सहयोग का मंच उपलब्ध कराता है।
2023 में भारत ने की थी गठबंधन की शुरुआत
भारत ने 9 अप्रैल 2023 को प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य बड़ी बिल्ली प्रजातियों के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच साझेदारी मजबूत करना है।
गठबंधन के माध्यम से वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और संरक्षण से जुड़ी तकनीकों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाता है। घाना की सदस्यता को इस अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक और महत्वपूर्ण भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
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