FTA Export Growth: व्यापार समझौतों वाले देशों में भारत के निर्यात में तेज उछाल, सिंगापुर-श्रीलंका में दोगुने से ज्यादा वृद्धि

भारत के FTA साझेदार देशों को अप्रैल-जून 2026 में निर्यात में तेज वृद्धि हुई। सिंगापुर को निर्यात 101.2%, श्रीलंका को 123.8% और ASEAN देशों को 61.6% बढ़ा।

Sep 20, 2026 - 18:54
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FTA Export Growth: व्यापार समझौतों वाले देशों में भारत के निर्यात में तेज उछाल, सिंगापुर-श्रीलंका में दोगुने से ज्यादा वृद्धि

भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वाले साझेदार देशों के साथ व्यापार में 2026-27 की पहली तिमाही में निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान सिंगापुर और श्रीलंका को भारत के निर्यात में सालाना आधार पर दोगुने से अधिक वृद्धि हुई। वहीं, आसियान क्षेत्र में भी भारतीय निर्यात में 60 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

ताजा आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत के व्यापार समझौतों के दायरे में आने वाले बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ रही है। वाणिज्य मंत्रालय के ट्रेड डेटा सिस्टम में जून 2026 तक के आंकड़े उपलब्ध हैं।

सिंगापुर को निर्यात में 101 फीसदी से ज्यादा वृद्धि

अप्रैल-जून 2026 की अवधि में सिंगापुर को भारत का निर्यात 101.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 6.52 अरब डॉलर पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग 3.24 अरब डॉलर था।

सिंगापुर के साथ भारत का व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। निर्यात में यह तेज वृद्धि भारतीय कंपनियों की इस बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाती है।

श्रीलंका को निर्यात में 123.8 फीसदी उछाल

श्रीलंका के मामले में वृद्धि और अधिक रही। अप्रैल-जून 2026 में भारत का निर्यात 123.8 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.35 अरब डॉलर हो गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह लगभग 1.05 अरब डॉलर था।

भारत और श्रीलंका के बीच मुक्त व्यापार समझौता मार्च 2000 से लागू है। दोनों देशों के बीच व्यापार में कई वस्तुओं को तरजीही बाजार पहुंच हासिल है।

ASEAN देशों को निर्यात 61.6 फीसदी बढ़ा

आसियान क्षेत्र में भी भारत के निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ASEAN देशों को भारत का निर्यात 61.6 प्रतिशत बढ़कर 14.61 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-जून 2025 में यह आंकड़ा करीब 9.04 अरब डॉलर था।

भारत और ASEAN के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश से जुड़े व्यापार समझौते लंबे समय से लागू हैं। सरकारी आंकड़ों में ASEAN भारत के प्रमुख क्षेत्रीय व्यापार साझेदारों में शामिल है।

मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान में भी बढ़ा निर्यात

FTA और व्यापार समझौतों वाले अन्य साझेदार बाजारों में भी भारतीय निर्यात में वृद्धि देखने को मिली।

- मलेशिया: 75.2 प्रतिशत बढ़कर 2.54 अरब डॉलर

- ऑस्ट्रेलिया: 25.2 प्रतिशत बढ़कर 2.68 अरब डॉलर

- दक्षिण कोरिया: 22.6 प्रतिशत बढ़कर 1.95 अरब डॉलर

- जापान: 22.4 प्रतिशत बढ़कर 1.75 अरब डॉलर

- ओमान: 26.4 प्रतिशत बढ़कर 1.39 अरब डॉलर

- नेपाल: 18.1 प्रतिशत बढ़कर 2.28 अरब डॉलर

इसके अलावा भूटान को निर्यात में 16.1 प्रतिशत और थाईलैंड को निर्यात में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

भारत का कुल निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर 863.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसमें करीब 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल रहा। वाणिज्य मंत्रालय ने जुलाई 2026 में इस रिकॉर्ड आंकड़े की जानकारी दी थी।

भारत लगातार अपने व्यापार नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। UAE के साथ CEPA, ऑस्ट्रेलिया के साथ ECTA, EFTA के साथ TEPA और ओमान के साथ CEPA जैसे समझौते इस दिशा में किए गए प्रमुख कदमों में शामिल हैं। भारत ने ब्रिटेन के साथ भी CETA पर समझौता किया है, जबकि न्यूजीलैंड के साथ FTA संपन्न हो चुका है और उसके लागू होने की प्रक्रिया जारी है।

इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि व्यापार समझौतों के तहत मिलने वाली बाजार पहुंच का इस्तेमाल भारतीय निर्यातक विभिन्न साझेदार बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, किसी FTA और निर्यात वृद्धि के बीच सीधे कारण-परिणाम का निष्कर्ष निकालने के लिए उत्पाद-वार और क्षेत्र-वार आंकड़ों का अलग से विश्लेषण जरूरी होगा।

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