खाड़ी और काला सागर में जहाजों पर हमले, भारत-लाइबेरिया की निंदा
भारत और लाइबेरिया ने खाड़ी क्षेत्र और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। GoF on S4 के सह-अध्यक्षों ने हमले रोकने, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और नाविकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहतर समन्वय की अपील की। घटनाओं में भारतीय नागरिकों के घायल होने और चालक दल को सुरक्षित निकालने की जानकारी भी सामने आई है।
नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर भारत और लाइबेरिया ने कड़ा विरोध जताया है। दोनों देशों ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार, नाविकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
भारत और लाइबेरिया ने यह संयुक्त बयान ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ (GoF on S4) के सह-अध्यक्षों के रूप में जारी किया। दोनों देशों ने हमलों में जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। <Cite refs={["turn993886search0","turn993886search2"]}/>
25 सितंबर को शुरू हुआ था समुद्री सुरक्षा समूह
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से साझा किए गए बयान के अनुसार, भारत और लाइबेरिया ने 25 सितंबर 2026 को GoF on S4 की शुरुआत की थी। इस समूह का उद्देश्य जहाजों और समुद्री परिवहन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सहयोग तथा समन्वय को मजबूत करना है।
दोनों देशों ने कहा कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और नाविकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने को तैयार हैं। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हमलों को तुरंत रोकने की अपील भी की। <Cite refs={["turn993886search1","turn993886search3"]}/>
रणधीर जायसवाल ने भी जताई थी चिंता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से समुद्री परिवहन और नाविक समुदाय की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
जायसवाल के अनुसार, काला सागर में एमवी रॉयद मम्मदोव पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से एक के घायल होने की जानकारी दी गई थी। रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास घायल नागरिक के संपर्क में था और उसकी देखभाल पर नजर रख रहा था। <Cite refs={["turn993886news28","turn993886news30"]}/>
तीन अन्य जहाजों पर हमलों का भी जिक्र
विदेश मंत्रालय ने टोगो के ध्वज वाले जहाज अल्फावतन, पलाऊ के ध्वज वाले जहाज एबल और लाइबेरिया के ध्वज वाले तेल टैंकर अफ्रामैक्स रियो पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया था।
मंत्रालय के अनुसार, पलाऊ के ध्वज वाले जहाज एबल पर ड्रोन हमले के बाद चालक दल के सभी 18 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें सात भारतीय नागरिक शामिल थे और एक भारतीय के घायल होने की जानकारी दी गई थी।
लाइबेरिया के ध्वज वाले अफ्रामैक्स रियो से चालक दल के सभी 23 सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया। इस जहाज पर सभी सदस्य भारतीय नागरिक थे। इन घटनाओं के बाद भारतीय अधिकारी प्रभावित नाविकों की स्थिति पर नजर रख रहे थे। <Cite refs={["turn993886search6","turn993886news26"]}/>
समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर जोर
भारत और लाइबेरिया ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से केवल चालक दल की जान को खतरा नहीं होता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और माल ढुलाई भी प्रभावित होती है। दोनों देशों ने ऐसे हमलों को रोकने के लिए बेहतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय की जरूरत बताई है।
खाड़ी क्षेत्र और काला सागर वैश्विक समुद्री परिवहन के महत्वपूर्ण मार्ग हैं। ऐसे में इन इलाकों में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समुद्री व्यापार से जुड़े देशों और संगठनों के लिए अहम बना हुआ है। भारत और लाइबेरिया की संयुक्त अपील का मुख्य उद्देश्य हिंसक घटनाओं पर रोक लगाना, नाविकों के अधिकारों की रक्षा करना और क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)