एशियन पैरा गेम्स 2026: अंजानाबेन को गोल्ड, जयंती बेहरा ने जीता सिल्वर
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की महिला पैरा एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। अंजानाबेन बंबडिया ने महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में 59.97 सेकंड के समय से स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहरा ने रजत हासिल किया। महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में तेजलबेन दामोर ने भी पदक जीता।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में अंजानाबेन बंबडिया ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहरा ने रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया।
अंजानाबेन ने 59.97 सेकंड में पूरी की दौड़
नागोया सिटी के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में अंजानाबेन ने 59.97 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। जयंती बेहरा ने 1 मिनट 0.65 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक जीता।
थाईलैंड की ससीरावन इनथाचोट 1 मिनट 2.58 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। नेपाल की प्रभा आंगदेम्बे ने 1 मिनट 15.81 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
अंजानाबेन का प्रदर्शन प्रतियोगिता में भारत के लिए अहम उपलब्धि रहा। वह एशियन पैरा गेम्स के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंचीं, हालांकि उपलब्ध विवरण के अनुसार वह रिकॉर्ड कायम रहा।
तेजलबेन दामोर ने 400 मीटर टी12 में जीता कांस्य
महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में तेजलबेन दामोर ने 57.60 सेकंड का समय दर्ज कर पदक हासिल किया। ईरान की हजार सफारजादेह ने 56.43 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। चीन की शेन याकिन, अपनी गाइड हे युचोंग के साथ, 58.04 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
इस स्पर्धा के नतीजों ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स में महिला धाविकाओं के प्रदर्शन को एक और उपलब्धि दी।
अंजानाबेन बंबडिया का सफर
गुजरात में वर्ष 2001 में जन्मीं अंजानाबेन बंबडिया भारतीय महिला पैरा-स्प्रिंटिंग में उभरती खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके एक हाथ का विकास सामान्य से कम हुआ है, लेकिन उन्होंने खेल में लगातार मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई है।
वह खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 की चैंपियन रही हैं। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने 400 मीटर दौड़ में 1 मिनट 0.04 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था।
जयंती बेहरा ने भी संघर्ष से बनाई पहचान
ओडिशा में जन्मीं जयंती बेहरा ने भी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद एथलेटिक्स में अपनी जगह बनाई। बचपन में एक दुर्घटना के कारण उनके बाएं हाथ और कोहनी में स्थायी जकड़न आ गई थी।
स्कूल के कोच विष्णु प्रसाद मिश्रा ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें साखीगोपाल स्थित गुरुकुल एथलेटिक ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण का अवसर दिया। यहां उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण मिला, जिससे उनके खेल करियर को आगे बढ़ने में मदद मिली।
जयंती ने 2018 के एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में रजत और 200 मीटर टी47 में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा, 2017 में स्विट्जरलैंड के नॉटविल में आयोजित वर्ल्ड जूनियर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक हासिल किया था।
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