जापान में AMRAAM मिसाइल का असेंबली सेंटर बनाएंगे अमेरिका-जापान, रक्षा सहयोग बढ़ेगा
अमेरिका और जापान ने जापान में AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के अंतिम असेंबली और निरीक्षण केंद्र की स्थापना पर सहमति जताई है। इसके साथ ही दोनों देश SM-3 ब्लॉक IIA मिसाइल का उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी जानकारी साझा करेंगे। इस समझौते से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका और जापान ने जापानी जमीन पर AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के अंतिम असेंबली और निरीक्षण केंद्र की स्थापना पर सहमति जताई है। इस समझौते को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगी देशों के बीच रक्षा हथियारों के संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। दोनों नेताओं की मुलाकात आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान हुई।
जापान में बनेगा AMRAAM मिसाइल का असेंबली केंद्र
कोइजुमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों देश जापान में AMRAAM मिसाइल के अंतिम असेंबली और निरीक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने बताया कि यह मिसाइल F-35 लड़ाकू विमान के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जापानी रक्षा मंत्री के मुताबिक, इस व्यवस्था से अमेरिका और जापान की रक्षा उपकरणों से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही जापान के रक्षा औद्योगिक आधार को भी मजबूती मिलेगी।
हालांकि, कोइजुमी ने प्रस्तावित केंद्र के लिए जापानी औद्योगिक साझेदार, स्थान, स्थापना की समयसीमा या उत्पादन क्षमता के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।
SM-3 ब्लॉक IIA मिसाइल का उत्पादन बढ़ाने पर भी सहमति
बैठक में दोनों देशों ने संयुक्त रूप से विकसित SM-3 ब्लॉक IIA मिसाइल का उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी सहमति जताई। यह समुद्र आधारित बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर है, जिसका इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को रोकने के लिए किया जाता है।
इन दोनों पहलों को जापान की ओर से प्रस्तावित ‘ऑपरेशन सुपरचार्ज’ का हिस्सा बताया गया है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कोइजुमी ने 30 मई को सिंगापुर में हेगसेथ के साथ बैठक के दौरान इस पहल का प्रस्ताव रखा था। इसका मकसद AMRAAM और SM-3 ब्लॉक IIA जैसी मिसाइलों के संयुक्त विकास और उत्पादन सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को तेज करना है।
पेंटागन के बयान में असेंबली केंद्र का जिक्र नहीं
जापान के रक्षा मंत्री की घोषणा के बावजूद पेंटागन की ओर से जारी बैठक के विवरण में AMRAAM असेंबली केंद्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। पेंटागन के मुताबिक, हेगसेथ ने जापान की रक्षा औद्योगिक क्षमता मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण रक्षा हथियारों के उत्पादन को लेकर आपसी समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में रक्षा निवेश बढ़ाने, सैन्य पहुंच और मौजूदगी का विस्तार करने, वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित सैन्य अभ्यास और लाइव-फायर अभ्यास तथा फर्स्ट आइलैंड चेन में क्षेत्रीय रक्षा अभियानों पर भी चर्चा हुई।
RTX की इकाई रेथियॉन बनाती है AMRAAM मिसाइल
AMRAAM मिसाइल का निर्माण अमेरिकी कंपनी RTX की इकाई रेथियॉन करती है। इसका इस्तेमाल F-35 समेत कई लड़ाकू विमानों और जमीन आधारित वायु रक्षा प्रणालियों में किया जाता है।
सितंबर में पेंटागन ने रेथियॉन को AMRAAM मिसाइलों की आपूर्ति के लिए 20.7 अरब डॉलर तक का बहुवर्षीय अनुबंध दिया था। इससे पहले हुए एक रूपरेखा समझौते में हर साल कम से कम 1,900 मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग बढ़ाने की पहल
जापान में प्रस्तावित असेंबली केंद्र को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगी देशों के साथ रक्षा उपकरणों का संयुक्त उत्पादन बढ़ाने की अमेरिकी कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर चिंता जताई है।
जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मई में हुई बैठक में कोइजुमी और हेगसेथ ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस के साथ रक्षा सहयोग पर भी चर्चा की थी।
जापान ने हाल के वर्षों में रक्षा उपकरणों के निर्यात से जुड़े नियमों में भी ढील दी है। कोइजुमी ने मई में हुई बैठक के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री को इस बदलाव की जानकारी दी थी।
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