तमिलनाडु में 1.50 लाख करोड़ की शहरी विकास योजना, सड़कों पर 60 हजार करोड़ खर्च
तमिलनाडु सरकार ने करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये की पांच वर्षीय शहरी विकास योजना लागू करने का आदेश जारी किया है। इसमें सड़कों और परिवहन के लिए 60,000 करोड़, सीवेज के लिए 50,000 करोड़ और पेयजल परियोजनाओं के लिए 30,350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। योजना में पांच करोड़ पौधे लगाने, नदियों और जलाशयों की बहाली तथा AI आधारित निगरानी व्यवस्था भी शामिल है।
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पांच साल के विकास कार्यक्रम को लागू करने का आदेश जारी किया है। इस योजना पर करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ा निवेश सड़कों, सीवेज नेटवर्क और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं पर होगा।
इस कार्यक्रम की घोषणा बजट में ‘प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना’ के नाम से की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इसके तहत बुनियादी सेवाओं में सुधार के साथ पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी निगरानी को भी एक साझा ढांचे में शामिल किया गया है।
सड़कों और सीवेज के लिए सबसे बड़ा बजट
योजना के तहत शहरी सड़कों और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सीवेज बुनियादी ढांचे के विकास पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पेयजल परियोजनाओं के लिए 30,350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अन्य क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित बजट इस प्रकार है:
- ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 3,000 करोड़ रुपये।
- जलाशयों की बहाली के लिए 2,000 करोड़ रुपये।
- सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये।
- हरित क्षेत्र विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों के लिए 1,500 करोड़ रुपये।
घरों तक पानी पहुंचाने और सीवरेज नेटवर्क का लक्ष्य
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक घर तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति और नगरपालिकाओं में प्रतिदिन तीन घंटे आपूर्ति की परिकल्पना की गई है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जल आपूर्ति से जुड़े मौजूदा बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में भूमिगत सीवरेज नेटवर्क का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने की योजना है। इससे सीवेज के बेहतर प्रबंधन और शहरी स्वच्छता व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
पांच करोड़ पौधे लगाने और नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना
पर्यावरण संरक्षण के तहत राज्य में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही अड्यार और कूवम नदियों सहित जलाशयों की बहाली के लिए भी काम किया जाएगा।
योजना में पशु नसबंदी केंद्रों की स्थापना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य पर्यावरण प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
TUFIDCO संभालेगा योजना का क्रियान्वयन
तमिलनाडु शहरी वित्त एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (TUFIDCO) को इस कार्यक्रम की कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन एजेंसी बनाया गया है। सरकारी आदेश के अनुसार, निगम योजना से जुड़ी परियोजनाओं के संचालन और वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा।
इस पांच वर्षीय कार्यक्रम के जरिए तमिलनाडु सरकार शहरी क्षेत्रों में सड़क, पानी, सीवेज, पर्यावरण और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को एक साथ विकसित करने की तैयारी कर रही है।
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