अमित शाह ने NCDC की 93वीं बैठक की अध्यक्षता की, 25 साल का रोडमैप बनाने के निर्देश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 93वीं महापरिषद बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सहकारी क्षेत्र के वित्तपोषण, ग्रामीण आजीविका, बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं और निगम की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। उन्होंने NCDC के अगले 25 वर्षों के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निगम के वित्तीय प्रदर्शन, सहकारी क्षेत्र के लिए ऋण और वित्तपोषण के विस्तार, नई बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के विकास तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अमित शाह ने NCDC को अगले 25 वर्षों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
NCDC की पांच वर्षों की उपलब्धियों की सराहना
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों में NCDC ने वित्तीय प्रदर्शन और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस दौरान प्रति कर्मचारी लाभ में वृद्धि, ऋण स्वीकृतियों और उनके वितरण में विस्तार तथा नेट एनपीए को शून्य बनाए रखने जैसी उपलब्धियां दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा कि निगम ने अब देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी मौजूदगी स्थापित कर ली है। लद्दाख जैसे दूरस्थ क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में कार्यालयों का विस्तार सहकारी आंदोलन को देश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा। गृह मंत्री ने इन उपलब्धियों के लिए NCDC के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
सहकारिता को देश के समावेशी विकास का माध्यम बताया
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था। इसका उद्देश्य केवल सहकारी संस्थाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक नागरिकों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश की प्रगति का आकलन केवल सकल घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय या औद्योगिक निवेश से नहीं किया जा सकता। वास्तविक विकास तभी होगा, जब समाज के हर वर्ग को अवसर मिले और प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ जीवन जीते हुए देश की प्रगति में योगदान दे सके।
गृह मंत्री ने सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा कि विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। साथ ही लद्दाख से लक्षद्वीप तक सभी क्षेत्रों को विकास की यात्रा में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
किसानों, महिलाओं और मछुआरों की सामूहिक शक्ति पर जोर
अमित शाह ने कहा कि छोटे किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण महिलाओं, मछुआरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सामूहिक क्षमता को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने में सहकारिता की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं सीमित पूंजी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को एकजुट कर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के अवसर पैदा कर सकती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
उन्होंने अमूल और इफको जैसी संस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता के मूल्यों के साथ पेशेवर प्रबंधन अपनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहकारी रैंकिंग में भारतीय संस्थाओं के प्रदर्शन को भी देश के सहकारी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।
NCDC ने कई नए क्षेत्रों में बढ़ाया काम
बैठक में निगम की गतिविधियों के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि NCDC ने उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, ग्रामीण औद्योगिक गतिविधियों, जल संरक्षण, कृषि बीमा, सहकारी बैंकिंग और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका बढ़ाई है।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के गठन, पूंजी निवेश और संचालन में भी निगम ने योगदान दिया है। शाह ने पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों को NCDC के लिए महत्वपूर्ण दौर बताया, लेकिन साथ ही कहा कि निगम को इन उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बदलती जरूरतों के अनुसार संस्थागत ढांचे, वित्तीय संसाधन जुटाने की क्षमता और पेशेवर कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी है।
अगले 25 वर्षों के लिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश
अमित शाह ने NCDC के अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत रोडमैप बनाने को कहा। इसके लिए सहकारी क्षेत्र के अनुभवी प्रतिनिधियों और पेशेवर विशेषज्ञों का समूह गठित करने का सुझाव दिया गया।
यह समूह निगम की मौजूदा संरचना, पूंजी जुटाने के वैकल्पिक तरीकों, सहकारी संस्थाओं की भागीदारी, वित्तीय स्वायत्तता, संगठनात्मक सुधार और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर विचार करेगा।
गृह मंत्री ने इन विषयों पर एक कार्यशाला आयोजित करने और विशेष बैठक में विस्तृत प्रस्तुतीकरण के साथ चर्चा करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य NCDC के भविष्य की दिशा तय करने और जरूरी संस्थागत सुधारों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
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