Asian Games 2026: जय मीणा ने रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में जीता भारत का पहला ब्रॉन्ज

Asian Games 2026 में भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक है। मीणा ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस शामिल होने पर भारत के लिए पांचों गोल्ड जीतने का भरोसा जताया।

Sep 24, 2026 - 09:09
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Asian Games 2026: जय मीणा ने रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में जीता भारत का पहला ब्रॉन्ज

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने पुरुषों के सिंगल्स मुकाबले में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस के किसी भारतीय खिलाड़ी का पहला पदक है। इस उपलब्धि के बाद मीणा ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किए जाने की स्थिति में भारत के लिए पांचों स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा जताया।

मीणा ने कहा कि उन्हें अपनी टीम की क्षमता पर पूरा विश्वास है। उनका कहना है कि यदि सॉफ्ट टेनिस को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह मिलती है, तो भारतीय खिलाड़ी सभी पांच गोल्ड मेडल हासिल करने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।

एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में मीणा को जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की थी। निर्णायक गेम में 3-5 से पीछे होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने लगातार चार अंक हासिल किए और मुकाबला 4-3 से अपने नाम कर लिया। इसी जीत के साथ भारत का सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक पक्का हुआ।

मीणा ने सॉफ्ट टेनिस को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहयोग जारी रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस खेल के लिए अलग से बड़े स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा लॉन टेनिस कोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। उनके मुताबिक ग्रास, क्ले और सिंथेटिक जैसे विभिन्न प्रकार के टेनिस कोर्ट पर सॉफ्ट टेनिस खेला जा सकता है।

28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उनका ऐतिहासिक पदक देश में इस खेल को लेकर नई रुचि पैदा कर सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब ज्यादा युवा सॉफ्ट टेनिस को अपनाएंगे और भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सपना देख सकेंगे।

भारतीय टीम का एशियन गेम्स अभियान आसान नहीं रहा। 18 सितंबर को भारत पुरुष टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया से हारकर बाहर हो गया था। इसके बाद जय मीणा और आध्या तिवारी की जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा।

मीणा ने बताया कि इन नतीजों के बाद टीम पर काफी दबाव था। उनके अनुसार, व्यक्तिगत पदक जीतना इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे टीम, परिवार और देश की उम्मीदों को नई ऊर्जा मिली। कोर्ट पर पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगा लहराकर अपनी खुशी जाहिर की।

जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 के बाद अपने तीसरे एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे मीणा ने इस सफलता का श्रेय अपने कोच, टीम, फेडरेशन, भारतीय खेल प्राधिकरण और सरकार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (TAGG) के तहत उन्हें ट्रेनिंग कैंप, उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलीं।

मीणा ने कहा कि सरकार और सहयोगी संस्थाओं से मिले समर्थन के बाद देश के लिए पदक जीतना उनकी जिम्मेदारी थी। ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने इसे भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए एक नई शुरुआत बताया।

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