एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने जीते 3 सिल्वर मेडल, कुल पदक 91
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत ने तीन रजत पदक हासिल किए। थुलसिमथी मुरुगेसन और प्रमोद ने अपने-अपने मुकाबलों में सिल्वर जीता, जबकि महिला रिकर्व डबल्स में भावना और पूजा को रजत पदक मिला। भारत के कुल पदकों की संख्या 91 हो गई है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत ने तीन रजत पदक अपने नाम किए। पैरा बैडमिंटन में थुलसिमथी मुरुगेसन, पैरा एथलेटिक्स में प्रमोद और पैरा तीरंदाजी में भावना-पूजा की महिला रिकर्व डबल्स जोड़ी ने सिल्वर मेडल जीते। इन उपलब्धियों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 91 हो गई है। भारतीय दल के खाते में अब 21 गोल्ड, 29 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज मेडल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर है, जबकि चीन 319 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
थुलसिमथी और प्रमोद ने फिर जीता रजत, तीरंदाजी में भारत को हार
महिला सिंगल्स SU5 के फाइनल में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी थुलसिमथी मुरुगेसन को चीन की किउक्सिया यांग के खिलाफ 18-21, 11-21 से हार मिली। इसके बावजूद उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा में प्रमोद ने 4 मिनट 9.65 सेकंड का समय दर्ज करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2022 हांगझू पैरा एशियन गेम्स में हासिल किए गए रजत पदक के प्रदर्शन को दोहराया।
महिला रिकर्व डबल्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में भावना और पूजा की भारतीय जोड़ी चीन की टीम से 0-6 से हार गई। भारतीय जोड़ी तीनों सेट में 31-38, 30-35 और 29-39 से पीछे रही। इस जीत के साथ चीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
थुलसिमथी मुरुगेसन का संघर्ष और सफलता का सफर
11 अप्रैल 2002 को तमिलनाडु के कांचीपुरम में जन्मीं थुलसिमथी मुरुगेसन ने पांच साल की उम्र में खेलना शुरू किया था। शुरुआत में उन्होंने एथलेटिक्स में हिस्सा लिया, लेकिन बाद में बैडमिंटन को अपना करियर बनाया।
थुलसिमथी के बाएं हाथ में जन्म से ही कमी है। उनके अंगूठे की अनुपस्थिति के साथ उन्हें क्रॉनिक अल्नर न्यूराइटिस और मांसपेशियों के क्षरण जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। एक दुर्घटना के बाद उनके बाएं हाथ की गतिविधियां और सीमित हो गईं।
उनके पिता डी. मुरुगेसन ने लगभग पांच साल तक उन्हें प्रशिक्षण दिया और पैरा-स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। थुलसिमथी की प्रमुख उपलब्धियों में 2024 विश्व चैंपियनशिप में महिला डबल्स का रजत पदक और 2023 फज़ा दुबई पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में स्वर्ण पदक शामिल हैं।
पांचवें दिन भारत के पास पदक जीतने के और अवसर
एशियन पैरा गेम्स के पांचवें दिन भारत के खिलाड़ियों के पास पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के कई अवसर हैं।
पैरा बैडमिंटन में नवीन शिवकुमार पुरुष सिंगल्स SL4 के फाइनल में उतरेंगे, जबकि नित्या श्री सुमति सिवन महिला सिंगल्स SH6 का फाइनल खेलेंगी। मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 के फाइनल में थुलसिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार का सामना इंडोनेशिया की लियानी ओक्टिला और हिकमत रमदानी की जोड़ी से होगा।
पैरा तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और भावना चौधरी रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा के सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ मुकाबला करेंगे।
एथलेटिक्स में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F42-F44/F61-F64 स्पर्धा में सुमित अंतिल, संदीप सरगर और महेंद्र गुर्जर हिस्सा लेंगे। वहीं, क्लब थ्रो F51 के फाइनल में प्रणव सूरमा, धर्मबीर नैन और अमित कुमार सरोहा भारत की चुनौती पेश करेंगे।
इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर देश की नजरें रहेंगी, क्योंकि इनके जरिए भारत के पदकों की सख्या में और इजाफा हो सकता है।
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