भूटान में पीएम मोदी के नाम समर्पित हुआ स्तूप नंबर 76, किरेन रिजिजू ने जताया आभार
भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में बनाए गए 108 बौद्ध स्तूपों में से स्तूप संख्या 76 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का आभार जताया। जानिए 108 स्तूपों की परियोजना, समारोह और भारत-भूटान संबंधों से जुड़ी पूरी जानकारी।
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में बनाए गए 108 बौद्ध स्तूपों में से एक स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया है। इस विशेष सम्मान के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भूटान के राजा का आभार जताया। उन्होंने इसे भारत और भूटान के बीच गहरे सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक बताया।
रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना को लगातार समर्थन दिया है। इसी योगदान और भारत-भूटान मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के सम्मान में स्तूप संख्या 76 उन्हें समर्पित किया गया। रिजिजू ने इस पहल को भारत के लिए विशेष सम्मान बताया।
108 स्तूपों के निर्माण और अभिषेक समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व
किरेन रिजिजू ने 1 नवंबर को भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित 108 स्तूपों के निर्माण और अभिषेक समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया। भूटान के राजा के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान राजा, प्रधानमंत्री और किरेन रिजिजू ने स्तूप संख्या 76 पर प्रार्थना की। यही स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया है। रिजिजू ने राजा की ओर से किए गए इस विशेष सम्मान के लिए प्रधानमंत्री की ओर से भी आभार व्यक्त किया।
स्तूप बुद्ध के प्रबुद्ध मन का प्रतीक: किरेन रिजिजू
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि किसी व्यक्ति के नाम पर पवित्र स्तूप समर्पित करना सामान्य बात नहीं है। बौद्ध परंपरा में इसे पुण्यदायक, शुभ और आध्यात्मिक महत्व वाला कार्य माना जाता है। उन्होंने बताया कि स्तूप केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि बुद्ध के प्रबुद्ध मन का प्रतीक होता है।
उन्होंने इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बनने को अपना सौभाग्य बताया। समारोह ल्हाबाब दुचेन के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान पारंपरिक लंबे धार्मिक वाद्य यंत्र दुंगचेन भी बजाए गए।
हजारों स्वयंसेवकों ने एक दिन में तैयार किए 108 स्तूप
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के मुताबिक, 108 स्तूपों की इस परियोजना की परिकल्पना भूटान के राजा ने की थी और इसके क्रियान्वयन का मार्गदर्शन भी उन्होंने ही किया। परियोजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों ने एक ही दिन में सभी 108 स्तूपों का निर्माण किया।
प्रत्येक स्तूप की ऊंचाई 15 मीटर है और इन्हें एक-दूसरे से 108 मीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है। ये स्तूप असम सीमा के पास गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आई (माउ) नदी के किनारे 11.7 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में बनाए गए हैं।
वज्रयान बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा गेलेफू
108 स्तूपों की परियोजना का उद्देश्य गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को वज्रयान बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके जरिए भूटान की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और मूल्यों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी भूटान की महत्वाकांक्षी विकास परियोजना है। इसे देश के भविष्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूटान के राजा और प्रधानमंत्री से मिले किरेन रिजिजू
31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भूटान की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे किरेन रिजिजू ने राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे के साथ भी बातचीत की।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, बैठकों में दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता और विकास सहयोग की प्रगति पर चर्चा हुई। साथ ही व्यापार, ऊर्जा, निवेश, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।
गेलेफू परियोजना के लिए भारत का समर्थन दोहराया
अपनी यात्रा के दौरान रिजिजू ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भूटान के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के पड़ोसी क्षेत्रों के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
उन्होंने भारत और भूटान के बीच मजबूत सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक रिश्तों को दोनों देशों की विशेष मित्रता का आधार बताया। स्तूप संख्या 76 को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित किया जाना इसी ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों का एक प्रतीकात्मक उदाहरण है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)