पोलावरम परियोजना के लिए चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से मांगा फंड, ओडिशा-छत्तीसगढ़ का मुद्दा भी उठाया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर पोलावरम सिंचाई परियोजना और जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा के लिए समय पर फंड जारी करने की मांग की। बैठक में परियोजना की प्रगति, ग्रामीण परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराने, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से जुड़े लंबित मुद्दों तथा गोदावरी नदी के जल के बेहतर उपयोग पर चर्चा हुई। जानिए आंध्र प्रदेश सरकार की योजनाओं और केंद्र से की गई प्रमुख मांगों के बारे में।

Oct 08, 2026 - 16:47
0 0
पोलावरम परियोजना के लिए चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से मांगा फंड, ओडिशा-छत्तीसगढ़ का मुद्दा भी उठाया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पोलावरम सिंचाई परियोजना और जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा के तहत चल रहे कार्यों के लिए समय पर धनराशि जारी करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने दोनों योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि इनके निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

पोलावरम परियोजना को अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री नायडू ने बैठक में बताया कि गोदावरी नदी पर बन रही पोलावरम बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष गोदावरी पुष्करम तक परियोजना को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित करना है।

पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश के लिए सिंचाई, जल प्रबंधन और बाढ़ के पानी के उपयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि निर्माण कार्यों में धन की कमी बाधा न बने और जरूरत के अनुसार समय पर फंड उपलब्ध कराया जाए।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साथ लंबित मुद्दे सुलझाने की मांग

बैठक में पोलावरम परियोजना से जुड़े ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। नायडू ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा सुरक्षात्मक तटबंधों से संबंधित जन सुनवाई के मुद्दे पर जारी स्टॉप वर्क ऑर्डर को स्थायी रूप से वापस लेने की मांग की।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह आदेश फिलहाल स्थगित है, लेकिन परियोजना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए इसे पूरी तरह वापस लेना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से दोनों राज्यों की सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करने और जन सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।

नायडू ने सुझाव दिया कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए। उनका मानना है कि बातचीत और आपसी सहयोग के माध्यम से तीनों राज्यों से जुड़े मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है।

पुनर्वास और जल भंडारण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पोलावरम में 41.15 मीटर के स्तर तक पानी रोकने के लिए आवश्यक पुनर्वास और पुनर्स्थापन कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं का समाधान और पुनर्वास संबंधी दायित्वों को पूरा करना भी निर्माण कार्य जितना ही महत्वपूर्ण है।

बैठक में 45.72 मीटर के स्तर तक पानी रोकने के लिए आवश्यक उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। नायडू ने गोदावरी नदी में बाढ़ के दौरान बड़ी मात्रा में पानी समुद्र में बह जाने का उल्लेख करते हुए इसके बेहतर उपयोग की जरूरत बताई। उन्होंने पट्टीसीमा परियोजना के जरिए पानी को दूसरी जगह पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी भी दी।

राज्य सरकार पोलावरम को पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

जल जीवन मिशन के तहत 27 लाख परिवारों को कनेक्शन देने की योजना

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा के तहत आंध्र प्रदेश में चल रहे पेयजल कार्यों का ब्योरा भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 95 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से करीब 62 लाख परिवारों के पास पहले से नल के पानी की सुविधा है।

नायडू के मुताबिक, हाल ही में लगभग 27 लाख अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्यों की आधारशिला रखी गई है। इन योजनाओं पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से काम की प्रगति के अनुरूप धनराशि समय पर जारी करने की अपील की।

दक्षिणी राज्यों में नदियों को जोड़ने पर चर्चा

बैठक के दौरान नायडू ने दक्षिण भारत में नदियों को आपस में जोड़ने के संभावित लाभों का भी उल्लेख किया। इस पहल से जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और उपलब्ध पानी के प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

पोलावरम परियोजना, ग्रामीण पेयजल योजनाओं और अंतरराज्यीय जल विवादों से जुड़े मुद्दों पर हुई यह बैठक आंध्र प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। अब इन परियोजनाओं की आगे की प्रगति के लिए समय पर वित्तीय सहायता और संबंधित राज्यों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User