भारत-कनाडा संबंधों में नई गति, पीएम मोदी और जयशंकर से मिलीं अनीता आनंद
भारत और कनाडा अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, रक्षा और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर चर्चा हुई। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब डॉलर रहा।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत और कनाडा अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। <Cite refs={["turn736419search2","turn736419search1","turn736419search9"]}/>
कनाडा सरकार के अनुसार, आनंद की भारत यात्रा 13 से 16 अक्टूबर तक भारत और संयुक्त अरब अमीरात के दौरे का हिस्सा है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को विस्तार देना है। <Cite refs={["turn736419search0","turn736419search6"]}/>
पीएम मोदी से मुलाकात में रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अनीता आनंद ने भारत और कनाडा के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास मिलकर समृद्ध भविष्य बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी बैठक को सकारात्मक बताते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। <Cite refs={["turn736419search2","turn736419search9"]}/>
जयशंकर के साथ 11वीं बैठक, सहयोग के रोडमैप की समीक्षा
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अनीता आनंद ने व्यापार, ऊर्जा, लोगों के बीच संपर्क, सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए।
कनाडा के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2025 के बाद दोनों विदेश मंत्रियों की यह 11वीं बैठक थी। दोनों पक्षों ने पिछले एक साल में रणनीतिक साझेदारी के लिए तैयार साझा रोडमैप पर हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। <Cite refs={["turn736419search1","turn736419search0"]}/>
बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयासों का भी स्वागत किया गया। इसके साथ ही, हाल में हुई द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के लिए जारी पहलों को भी महत्वपूर्ण बताया गया। <Cite refs={["turn736419search1","turn736419search7"]}/>
2025 में 30.4 अरब डॉलर रहा द्विपक्षीय व्यापार
कनाडा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत और कनाडा के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब डॉलर रहा। इसमें वस्तुओं का व्यापार 11 अरब डॉलर का था। दोनों देश आर्थिक संबंधों का दायरा बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर जोर दे रहे हैं। <Cite refs={["turn736419search0","turn736419search6"]}/>
कनाडा की ओर से भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ जैसी पहल के जरिए दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। <Cite refs={["turn736419search1","turn736419search11"]}/>
कनाडा की विदेश मंत्री ने भारत के साथ व्यापार और निवेश के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की दिसंबर में भारत यात्रा की योजना भी दोनों देशों के बीच आगामी उच्चस्तरीय संपर्क का हिस्सा है। <Cite refs={["turn736419news36","turn736419search11"]}/>
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में ‘मिडल पावर’ पर चर्चा
अनीता आनंद और डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भी हिस्सा लिया। चर्चा का विषय था—‘क्या यह मिडल पावर मोमेंट है?’ इसमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल हुए।
फोरम में बदलती वैश्विक व्यवस्था और मध्यम शक्तियों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जयशंकर ने वैश्विक परिदृश्य में महत्वपूर्ण संसाधनों और वित्तीय प्रणालियों पर नियंत्रण के रणनीतिक प्रभावों की ओर भी ध्यान दिलाया। <Cite refs={["turn736419news39","turn736419search0"]}/>
राजनयिक तनाव के बाद संबंधों को मजबूत करने की कोशिश
भारत और कनाडा के बीच 2023 और 2024 में राजनयिक तनाव बढ़ गया था। इसके बाद दोनों देशों ने उच्चस्तरीय संवाद और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को दोबारा आगे बढ़ाने के प्रयास किए हैं।
हाल की बैठकों में व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और रक्षा जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। दोनों सरकारें अब साझा रोडमैप के जरिए संबंधों को आगे बढ़ाने और आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को ठोस पहल में बदलने पर काम कर रही हैं। हालांकि, रिश्तों में दीर्घकालिक सुधार की दिशा और गति आगे होने वाले समझौतों तथा उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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