एस. जयशंकर की यूएई के विदेश मंत्री से मुलाकात, रणनीतिक संबंधों पर चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक बदलावों और बहुपक्षीय सहयोग पर बातचीत हुई। इसी बीच, यूएई तट के पास टैंकर हादसे में 22 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाए जाने और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के इलाज की जानकारी भी सामने आई।

Oct 15, 2026 - 09:27
0 0
एस. जयशंकर की यूएई के विदेश मंत्री से मुलाकात, रणनीतिक संबंधों पर चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे के दौरान अपने समकक्ष और यूएई के उप प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, व्यापक रणनीतिक साझेदारी और बदलते वैश्विक परिदृश्य से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण और सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि चर्चा में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी विचार साझा किए गए।

बदलते वैश्विक माहौल में नए सहयोग पर जोर

विदेश मंत्री बुधवार को अबू धाबी पहुंचे थे। वहां यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया। इससे पहले जयशंकर और अब्दुल्ला बिन जायद ने रायसीना डायलॉग के मध्य पूर्व सत्र ‘द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी’ में हिस्सा लिया था।

इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी मजबूत करने के महत्व पर बात की। जयशंकर के अनुसार, वैश्विक व्यवस्था लंबे समय से जारी बदलावों और हाल की घटनाओं के कारण तेजी से बदल रही है। ऐसे में देश अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के मुताबिक नए साझेदारों तथा सहयोग के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को पारंपरिक नजरिए से आगे बढ़ाकर अधिक रणनीतिक समझ के साथ विकसित करने की आवश्यकता है।

बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की जरूरत

जयशंकर ने बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छोटे, प्रभावी और मजबूत सहयोगी समूह इस दिशा में भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने भारत और यूएई के संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में दोनों देशों ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाया है।

उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और क्षेत्रीय तनाव चर्चा के केंद्र में हैं। ईरान से जुड़ा संघर्ष और यमन में हूती समूह सहित क्षेत्रीय पक्षों के बीच तनाव ने स्थिति को संवेदनशील बना रखा है।

तेल टैंकर हादसे के बाद 22 भारतीय नाविक सुरक्षित

इस बीच, दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने ‘एमटी जेम नंबर 2’ नामक कच्चे तेल के टैंकर से जुड़े हादसे की जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक, जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को रस अल खैमाह के तट के पास सुरक्षित बचा लिया गया।

दूतावास ने एक्स पर बताया कि वह इस मामले में यूएई के अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

विमान में हमले का सामना करने वाले भारतीय पायलट का इलाज जारी

यूएई में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का भी इलाज चल रहा है। वह फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट थे। रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सह-पायलट के हमले के दौरान उन्होंने स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई, जिससे विमान में सवार 174 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कैप्टन मच्छार अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।

जयशंकर का यूएई दौरा दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक व्यवस्था और आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दे भारत-यूएई साझेदारी के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बने हुए हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User