ईरान से सैन्य अभियान खत्म कर सकता है अमेरिका, ट्रंप ने रखी परमाणु हथियारों पर शर्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सैन्य अभियान समाप्त किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए भविष्य में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने की ठोस गारंटी चाहिए। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाने और संघर्ष समाप्त होने पर तेल बाजार को राहत मिलने की संभावना का भी जिक्र किया।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान में अपना सैन्य अभियान समाप्त करने पर विचार कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए शर्त रखी है कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा, इस बात की ठोस गारंटी मिलनी चाहिए। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका नहीं चाहता कि कुछ वर्षों बाद उसे इसी खतरे से निपटने के लिए दोबारा सैन्य कार्रवाई करनी पड़े।
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि संघर्ष खत्म करने का फैसला लेते समय ईरान की भविष्य की परमाणु क्षमताओं को ध्यान में रखना जरूरी है। उनका कहना है कि अमेरिकी रणनीति का उद्देश्य केवल मौजूदा खतरे को रोकना नहीं, बल्कि भविष्य में भी ऐसे खतरे की आशंका को कम करना है।
दोबारा युद्ध की स्थिति से बचना चाहते हैं ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भविष्य में फिर सैन्य टकराव की नौबत न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के लिए केवल तत्काल सैन्य लक्ष्य हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
यह बयान टेनेसी के क्लार्क्सविल में दिए गए उनके भाषण के बाद आया, जहां उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को अपनी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। इसी दौरान उन्होंने संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों का भी उल्लेख किया।
अमेरिकी सैनिकों के नुकसान का किया जिक्र
ट्रंप ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैनिकों की जान गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। उनके बयान के अनुसार, इस अभियान में 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक सैन्य आंकड़ों से मिलान जरूरी है।
राष्ट्रपति ने डोवर एयर फोर्स बेस पर मारे गए सैनिकों के परिवारों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों के परिजनों से मिलना राष्ट्रपति के पद की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक है।
ट्रंप ने संघर्ष की अवधि की तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे लंबे समय तक चले अमेरिकी सैन्य अभियानों से भी की।
ईरान की सैन्य ताकत को नुकसान पहुंचाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है। उनके दावे के मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार प्रणालियों और सैन्य निर्माण सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
ट्रंप ने इन कार्रवाइयों को ईरान की सैन्य क्षमता सीमित करने की दिशा में अहम बताया। हालांकि, इन दावों का आकलन करने के लिए स्वतंत्र जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों की भी जरूरत है।
संघर्ष खत्म होने से तेल बाजार को मिल सकती है राहत
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी संघर्ष समाप्त होने पर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को राहत मिल सकती है। पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति, परिवहन मार्गों और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
ऐसे में संघर्ष खत्म होने की संभावना ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, तेल की कीमतों पर वास्तविक प्रभाव संघर्ष की स्थिति, आपूर्ति की उपलब्धता और आगे होने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका सैन्य अभियान समाप्त करने की संभावना पर विचार कर रहा है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ठोस आश्वासन उसकी प्रमुख शर्त बना हुआ है।
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