Nirmala Sitharaman Qatar Visit: कतर के कारोबारियों को भारत में निवेश का न्योता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोहा में कतर के कारोबारियों से भारत में निवेश और व्यापार बढ़ाने की अपील की। भारत-कतर BIT, FTA, 10 अरब डॉलर निवेश और UPI विस्तार पर भी चर्चा हुई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कतर के कारोबारियों से भारत में व्यापार और निवेश के अवसरों को तलाशने की अपील की है। दोहा में आयोजित Qatari Businessmen Association (QBA) Business Roundtable में उन्होंने दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी बढ़ाने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
भारत की आर्थिक वृद्धि और निवेश क्षमता पर चर्चा
सीतारमण ने राउंडटेबल में भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों को सामने रखा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जबकि निवेश में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत में विकास की गति बनी हुई है। भारत की आर्थिक क्षमता और बड़े बाजार को कतर के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर पेश किया गया।
भारत में कतर के निवेश के अवसर
QBA के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार को बढ़ाने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा हुई। कतर की ओर से भारत के पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे और पावर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं का उल्लेख किया गया।
वहीं, भारतीय कंपनियों के लिए कतर में फूड सिक्योरिटी, फार्मास्युटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर भी चर्चा हुई।
भारत-कतर निवेश समझौते और FTA पर भी फोकस
सीतारमण की कतर यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए। इनमें Bilateral Investment Treaty (BIT) को अंतिम रूप देने और Free Trade Agreement (FTA) पर बातचीत को तेज करने पर सहमति की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा कतर की भारत में 10 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता को लागू करने और भारत में Qatar Investment Authority (QIA) का कार्यालय स्थापित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
कतर में UPI के विस्तार पर भी बातचीत
भारत और कतर के बीच वित्तीय सहयोग बढ़ाने के लिए UPI के कतर में विस्तार पर भी चर्चा हुई। इसके साथ National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) के साथ कतर की भागीदारी और कर संबंधी व्यवस्था को मजबूत करने के मुद्दे भी वार्ता में शामिल रहे।
समुद्री व्यापार सामान्य करने पर जोर
सीतारमण ने भारत, कतर और अन्य खाड़ी देशों के बीच सामान्य व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए निर्बाध समुद्री आवाजाही और व्यापार को महत्वपूर्ण बताया।
भारत-कतर के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी, निवेश, व्यापार और संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर आगे काम करने पर जोर दिया है।
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