Odisha Flood 2026: 13 जिलों में बाढ़, CM मोहन माझी ने किया हवाई सर्वेक्षण
ओडिशा में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की।
ओडिशा में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता तेजी से पहुंचाने के निर्देश दिए।
राज्य में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम तंत्र के कारण हुई भारी बारिश से दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी ओडिशा के कई जिले प्रभावित हुए हैं। बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज समेत उत्तरी जिलों के कुछ हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति बनी है। हाल के दिनों में राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर पहुंची हैं।
एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
अधिकारियों के अनुसार, निचले इलाकों से एक लाख से अधिक लोगों को निकालकर 500 से ज्यादा राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बालासोर में ही 67 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जबकि जिले में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
महानदी का बढ़ता जलस्तर बनी चुनौती
छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और हीराकुड जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महानदी में पानी का बहाव बढ़ने से कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
सीएम माझी ने प्रभावित लोगों से की बातचीत
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ओडिशा में हालिया भारी बारिश के दौरान प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की पहचान, राहत केंद्रों की तैयारी और आपात व्यवस्था पर भी जोर दिया था।
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