Abhishek Anand: भारतीय मूल के क्रिकेटर का जापान की नेशनल टीम तक पहुंचने का सफर
भारतीय मूल के क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने जापान की नेशनल क्रिकेट टीम तक पहुंचने की अपनी कहानी बताई। IIT कानपुर से पढ़ाई और जापान में नौकरी के बाद उन्होंने टोक्यो फाल्कन्स के लिए क्रिकेट खेला और 2025 में जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया।
भारतीय मूल के क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम तक पहुंचने के अपने सफर को अविश्वसनीय बताया है। उन्होंने कहा कि जब वह जापान गए थे, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह इसी देश की नेशनल क्रिकेट टीम का हिस्सा बनेंगे। अभिषेक ने बताया कि जापान जाने का मौका उन्हें कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान मिला और इसके बाद क्रिकेट ने उनके करियर को एक नई दिशा दे दी।
अभिषेक आनंद का जन्म बिहार में हुआ और उन्होंने IIT कानपुर से पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान जापानी कंपनियां कैंपस में आई थीं। अभिषेक का विदेश जाने का कोई विशेष प्लान नहीं था, लेकिन इंटरव्यू देने के बाद उनका चयन Accenture Japan के लिए हो गया।
दो घंटे में लिया जापान जाने का फैसला
अभिषेक के मुताबिक, नौकरी के ऑफर को स्वीकार करने या नहीं करने के लिए उन्हें केवल दो घंटे का समय मिला था। उन्होंने इसी दौरान जापान और वहां क्रिकेट की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। उन्हें पता चला कि जापान की टीम ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में क्रिकेट की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ रही है।
इसके बाद उन्होंने ऑफर स्वीकार किया और जापान चले गए। वहां उन्होंने टोक्यो फाल्कन्स क्रिकेट क्लब के लिए खेलना शुरू किया। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के रिकॉर्ड में भी अभिषेक आनंद टोक्यो फाल्कन्स के खिलाड़ी के तौर पर दर्ज हैं। 2026 में उन्होंने क्लब के लिए कई मुकाबलों में बल्लेबाजी की है।
क्लब क्रिकेट से नेशनल टीम तक पहुंचे
जापान में क्लब क्रिकेट खेलते हुए अभिषेक ने लगातार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इसी प्रदर्शन के आधार पर जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए चुना।
अभिषेक ने 2025 में जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। कुक आइलैंड्स के खिलाफ 9 मई 2025 को उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वह अब तक जापान के लिए 18 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 275 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक अर्धशतक भी है।
तीन साल जापान में रहने से मिली पात्रता
अभिषेक ने जापान की राष्ट्रीय टीम में चयन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, टीम के लिए पात्रता के प्रमुख रास्तों में जापान में लगातार तीन साल रहना, जापान में जन्म लेना या जापानी पासपोर्ट होना शामिल है।
उन्होंने बताया कि उनके मामले में जापान में लगातार तीन साल रहने की पात्रता पूरी हुई। इसके बाद क्रिकेट में प्रदर्शन, अनुशासन और टीम के लिए योगदान जैसे पहलुओं ने भी भूमिका निभाई।
अभिषेक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने में चार-पांच साल लग सकते हैं, लेकिन करीब तीन साल में ही उन्हें जापान की टीम में जगह मिल गई। उन्होंने इस मौके की जानकारी अपने परिवार, क्लब के सदस्यों और मैनेजरों को दी, जिससे सभी काफी उत्साहित हुए।
जापान में तेजी से बढ़ रहा क्रिकेट
अभिषेक के मुताबिक, जब से वह जापान पहुंचे हैं, तब से वहां क्रिकेट में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्तर पर खेल का विकास देखने को मिला है।
उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में जापान की क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान बना सकती है। उनके सफर में टोक्यो फाल्कन्स क्लब की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है, जहां उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते हुए अपनी पहचान बनाई।
भारत-जापान मैच को लेकर उत्साहित
भारत और जापान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर अभिषेक ने कहा कि वह इस मैच को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह इस मुकाबले में जापान की टीम के साथ रहकर उसका समर्थन करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय मूल होने के कारण उनके लिए यह मुकाबला खास होगा और वह भारत तथा जापान दोनों टीमों को समर्थन देंगे। अभिषेक का सफर यह भी दिखाता है कि विदेश जाकर करियर बनाने के साथ क्रिकेट के जुनून को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
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