Asian Games 2026: दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारतीय पुरुष हॉकी टीम की पहली बड़ी परीक्षा
Asian Games 2026 में गत चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपने तीसरे पूल ए मुकाबले में दक्षिण कोरिया का सामना करेगी। भारत ने इंडोनेशिया और श्रीलंका को बड़े अंतर से हराकर शानदार शुरुआत की है। अब टीम की नजरें स्वर्ण पदक और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के सीधे क्वालीफिकेशन पर हैं।
एशियन गेम्स 2026 में गत चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने दमदार शुरुआत की है। टीम ने पूल ए में अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में बड़ी जीत दर्ज की है। अब गुरुवार को भारत का सामना दक्षिण कोरिया से होगा, जिसे टूर्नामेंट में उसकी पहली कड़ी चुनौती माना जा रहा है।
भारत ने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ 13-1 की जीत से की थी। इसके बाद टीम ने श्रीलंका को 16-1 से हराया। पूल ए में भारत को दक्षिण कोरिया के अलावा जापान और बांग्लादेश के खिलाफ भी मुकाबले खेलने हैं। प्रतियोगिता में 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं और प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
भारतीय टीम की नजरें इस बार स्वर्ण पदक पर हैं। हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित एफआईएच विश्व कप में टीम आठवें स्थान पर रही थी। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना भारत के लिए 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश का रास्ता भी खोलेगा।
भारतीय फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह शुरुआती मैचों में शानदार लय में नजर आए हैं। उनके नाम सात मैदानी गोल हैं। ड्रैग-फ्लिकर जुगराज सिंह ने श्रीलंका के खिलाफ चार गोल किए, जबकि अभिषेक ने भी उसी मुकाबले में हैट्रिक लगाई।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन टीम की पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की क्षमता को और बेहतर करना चाहते हैं। श्रीलंका के खिलाफ भारत को 12 पेनल्टी कॉर्नर मिले थे, जिनमें से पांच को गोल में बदला जा सका। वहीं, शुरुआती दोनों मैचों में भारतीय डिफेंस ने केवल एक-एक गोल स्वीकार किया है।
दक्षिण कोरिया को भारत हल्के में नहीं ले सकता। विश्व रैंकिंग में 21वें स्थान पर मौजूद कोरियाई टीम चार बार एशियन गेम्स चैंपियन रह चुकी है और पिछले संस्करण में कांस्य पदक जीत चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम के सामने अपनी लय बरकरार रखने के साथ-साथ पेनल्टी कॉर्नर और रक्षात्मक खेल में सुधार की चुनौती भी होगी।
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