Asian Games 2026: रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, एशियन गेम्स में तीसरा पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार मिली। यह एशियन गेम्स में रोशिबिना का लगातार तीसरा पदक है।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल ने पदक के साथ दिन की शुरुआत की। भारतीय वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में रोशिबिना देवी का सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ। चीनी खिलाड़ी ने दोनों राउंड में 5-0 से जीत दर्ज की और मुकाबला 2-0 से अपने नाम किया। इस हार के साथ रोशिबिना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स में रोशिबिना का तीसरा पदक
रोशिबिना के लिए यह एशियन गेम्स में तीसरा पदक है। उन्होंने 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर हासिल किया और अब आइची-नागोया में भी रजत पदक अपने नाम किया है।
इस तरह रोशिबिना एशियन गेम्स में लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने वाली भारतीय वुशु खिलाड़ियों में खास उपलब्धि हासिल करने में सफल रही हैं।
क्वार्टर और सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन
फाइनल तक पहुंचने के सफर में रोशिबिना ने मजबूत प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मकाओ की चू मान सिन को 5-0 से हराकर अपना पदक पक्का किया। इसके बाद सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
सांडा प्रतियोगिता के नियमों के तहत सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो जाता है। रोशिबिना ने इसके बाद फाइनल में गोल्ड के लिए मुकाबला किया, लेकिन झांग शियाओयू के खिलाफ जीत हासिल नहीं कर सकीं।
चोट के बाद मिली एशियन गेम्स टीम में जगह
रोशिबिना का एशियन गेम्स तक का सफर भी आसान नहीं रहा। पिछले साल घुटने की चोट के कारण वह प्रतियोगिताओं से दूर रही थीं। ट्रायल में उन्हें दिव्यांशी चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था और शुरुआती तौर पर 60 किग्रा सांडा वर्ग के लिए उनका चयन नहीं हुआ था।
बाद में दिव्यांशी को एसीएल चोट लगने के बाद वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने रोशिबिना को टीम में शामिल किया। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की।
गोल्ड का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, लेकिन सिल्वर बरकरार
रोशिबिना इस बार अपने पिछले सिल्वर मेडल को गोल्ड में बदलना चाहती थीं। हालांकि फाइनल में हार के कारण उनका यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इसके बावजूद लगातार दो एशियन गेम्स में सिल्वर और कुल तीन पदक उनके निरंतर प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
भारत के लिए रोशिबिना का यह पदक एशियन गेम्स 2026 में वुशु में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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