ऑस्ट्राहिंद 2026: भारत-ऑस्ट्रेलिया के 240 सैनिकों का संयुक्त सैन्य अभ्यास
भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं का संयुक्त अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 केरल के तिरुवनंतपुरम में जारी है। इसमें दोनों देशों के 120-120 सैनिक युद्धक तैराकी, ड्रोन संचालन, रस्सी के सहारे उतरने और सामरिक गतिविधियों का अभ्यास कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण 1 नवंबर तक निर्धारित है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ के तहत अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में युद्धक प्रशिक्षण कर रही हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित इस अभ्यास में दोनों देशों के कुल 240 सैनिक भाग ले रहे हैं। इनमें भारतीय सेना के 120 और ऑस्ट्रेलियाई सेना के 120 जवान शामिल हैं। यह प्रशिक्षण 1 नवंबर तक चलने वाला है।
जंगलों, द्वीपों और समुद्री तटों पर अभ्यास
भारतीय सेना के अनुसार, संयुक्त प्रशिक्षण में सैनिकों को जंगलों, द्वीपीय इलाकों और समुद्र तटों पर अभियान चलाने की तैयारी कराई जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य विभिन्न परिस्थितियों में सैनिकों की युद्धक क्षमता बढ़ाना और संयुक्त अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है।
प्रशिक्षण में युद्धक तैराकी, रस्सी के सहारे तेजी से नीचे उतरने, घात लगाकर कार्रवाई करने और ड्रोन संचालित करने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन अभ्यासों के जरिए सैनिकों को चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सैन्य रणनीतियों को लागू करने का अनुभव मिल रहा है।
आधुनिक तकनीक और सामरिक कौशल पर जोर
अभ्यास के दौरान युद्धक तैराकी के जरिए पानी में सैन्य गतिविधियां करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, रस्सी की मदद से नीचे उतरने का अभ्यास सैनिकों को निर्धारित स्थानों तक तेजी से पहुंचने में सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
घात से जुड़ी गतिविधियों में सामरिक योजना और कार्रवाई का अभ्यास कराया जा रहा है। ड्रोन संचालन के माध्यम से आधुनिक सैन्य तकनीक के उपयोग पर ध्यान दिया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में सैनिकों की तैयारी को मजबूत करना है।
शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति बढ़ाने की तैयारी
सैन्य प्रशिक्षण के साथ जवानों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सहनशक्ति, फिटनेस और कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अभ्यास किया जा रहा है।
संयुक्त प्रशिक्षण सैनिकों को ऐसे अभियानों के लिए तैयार करने में मदद करता है, जिनमें तेज निर्णय लेने, सामरिक दक्षता और आपसी समन्वय की जरूरत होती है।
गढ़वाल राइफल्स और ऑस्ट्रेलिया की 13वीं ब्रिगेड की भागीदारी
भारतीय सेना की टुकड़ी में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के साथ अन्य सैन्य शाखाओं और सेवाओं के कर्मी भी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से 13वीं ब्रिगेड के जवान हिस्सा ले रहे हैं।
ऑस्ट्राहिंद 2026 के माध्यम से दोनों सेनाएं संयुक्त योजना, सामरिक गतिविधियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों में मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। यह अभ्यास भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग, सैनिकों के आपसी विश्वास और परिचालन तालमेल को बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
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