भारत के तीन समुद्री पोत माले पहुंचे, मालदीव के साथ रक्षा सहयोग होगा मजबूत
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन पोत लंबी दूरी के प्रशिक्षण अभियान के तहत मालदीव की राजधानी माले पहुंचे हैं। आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी की इस यात्रा में रक्षा अधिकारियों की बैठकें, प्रशिक्षण केंद्र का दौरा और नौसैनिकों के बीच सहयोग बढ़ाने वाली गतिविधियां शामिल हैं।
भारत और मालदीव के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के तीन पोत मालदीव की राजधानी माले पहुंचे हैं। लंबी दूरी के प्रशिक्षण अभियान के तहत पहुंचे इन पोतों में आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी शामिल हैं। माले पहुंचने पर मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल ने भारतीय पोतों का स्वागत किया।
इस यात्रा का उद्देश्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ावा देना है।
प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के पोतों का दौरा
माले पहुंचे आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी भारतीय समुद्री प्रशिक्षण और सहयोग अभियान का हिस्सा हैं। इस दौरे के दौरान भारतीय प्रशिक्षुओं को मालदीव की रक्षा व्यवस्था और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को समझने का अवसर मिल रहा है।
यात्रा को दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने और रक्षा सहयोग को आगे ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मालदीव के रक्षा अधिकारियों से हुई मुलाकात
दौरे के दौरान भारतीय प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल के प्रमुख और मालदीव तटरक्षक बल के कमांडेंट से मुलाकात की। बातचीत में दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने और समुद्री क्षेत्र में सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
इस तरह की मुलाकातों से समुद्री सुरक्षा से जुड़े अनुभव साझा करने और दोनों देशों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
भारतीय उच्चायुक्त से भी मिले नौसेना अधिकारी
भारतीय स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के समुद्री सहयोग और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे भारतीय प्रशिक्षु
मालदीव यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। यहां उन्हें मालदीव में संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों और संस्थागत व्यवस्थाओं को करीब से जानने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के तहत भारतीय और मालदीव के नौसैनिकों के बीच आपसी समझ तथा मित्रता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
खेल और सामाजिक कार्यक्रमों से मजबूत होंगे संबंध
भारतीय नौसेना के अनुसार, यात्रा के दौरान दोनों देशों के सैन्यकर्मी एक-दूसरे के पोतों का दौरा करेंगे। इसके साथ खेल प्रतियोगिताओं, सामाजिक मेल-मिलाप और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों की भी योजना है।
इन गतिविधियों का मकसद दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच बेहतर संवाद, आपसी विश्वास और सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
‘महासागर’ पहल के अनुरूप समुद्री साझेदारी
भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और मालदीव के बीच सहयोग को दर्शाता है। यह यात्रा ‘महासागर’ की परिकल्पना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति को बढ़ावा देना है।
भारत हिंद महासागर क्षेत्र के साझेदार देशों के साथ प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता रहा है।
दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी कर चुका है दौरा
मालदीव पहुंचने से पहले भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के पोत सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के बंदरगाहों का दौरा कर चुके हैं। इन यात्राओं के दौरान भारतीय और मेजबान देशों के नौसैनिकों ने संयुक्त समुद्री अभ्यास सहित विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की इन यात्राओं का व्यापक उद्देश्य भारतीय नौसैनिक प्रशिक्षुओं को अंतरराष्ट्रीय समुद्री वातावरण का अनुभव देना और मित्र देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करना है।
नोट: प्रकाशन से पहले पोतों की वर्तमान तैनाती, स्क्वाड्रन की संरचना और यात्रा कार्यक्रम की भारतीय नौसेना या भारतीय तटरक्षक बल की आधिकारिक सूचना से पुष्टि कर लें।
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