गुजरात में 15 हजार सरकारी इमारतों पर लगेगा रूफटॉप सोलर, 65 मेगावाट क्षमता बढ़ाने की तैयारी

गुजरात सरकार 2026-27 में 15,000 और सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित विस्तार से करीब 65 मेगावाट नई सौर क्षमता जुड़ने और सरकारी बिजली खर्च घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Oct 05, 2026 - 17:24
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गुजरात में 15 हजार सरकारी इमारतों पर लगेगा रूफटॉप सोलर, 65 मेगावाट क्षमता बढ़ाने की तैयारी

गुजरात सरकार ने सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए बड़े विस्तार की योजना बनाई है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में करीब 15,000 और सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 65 मेगावाट अतिरिक्त सौर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है।

राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2026 तक गुजरात की 6,014 सरकारी इमारतों पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे। इनकी कुल स्थापित क्षमता करीब 95 मेगावाट बताई गई है।

2025-26 में 1,377 इमारतों पर सोलर सिस्टम

गुजरात के क्लाइमेट चेंज विभाग के तहत गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लंबे समय से सरकारी भवनों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 1,377 सरकारी इमारतों पर सिस्टम लगाए गए, जिससे लगभग 17.1 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी।

राज्य सरकार का कहना है कि नए विस्तार के बाद सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी और बढ़ेगी। इसका उद्देश्य पारंपरिक बिजली पर सरकारी खर्च कम करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

2026-27 के लिए 314 करोड़ रुपये का प्रावधान

सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 314 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसमें सामान्य सरकारी इमारतों के लिए 278 करोड़ रुपये, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के भवनों के लिए 3 करोड़ रुपये और आदिवासी विकास विभाग के तहत आने वाली इमारतों के लिए 33 करोड़ रुपये शामिल हैं।

योजना के तहत राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए क्लाइमेट चेंज विभाग के वार्षिक बजट से 100 प्रतिशत पूंजीगत लागत सहायता दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।

बिजली खर्च और प्रदूषण घटाने पर जोर

सरकार के मुताबिक सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम लगने से पारंपरिक बिजली की खपत में कमी आ सकती है। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के बिजली खर्च को कम करने और पारंपरिक बिजली उत्पादन से जुड़े प्रदूषण को घटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार ने इसे नवीकरणीय ऊर्जा को सरकारी बुनियादी ढांचे में बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

रिन्यूएबल एनर्जी की रिमोट मॉनिटरिंग

गुजरात ने सरकारी इमारतों पर लगाए गए नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम की निगरानी के लिए Industrial Internet of Things (IIoT) आधारित रिन्यूएबल एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया है।

इस व्यवस्था में स्मार्ट मीटर, सेंसर और IoT गेटवे का इस्तेमाल किया जाता है। सिस्टम GPRS, 4G और Ethernet जैसे नेटवर्क के जरिए जुड़ा है। यह रिमोट अलर्ट उपलब्ध कराने के साथ हर 15 मिनट में प्रदर्शन संबंधी डेटा रिकॉर्ड करता है, यानी एक दिन में 96 रीडिंग दर्ज की जा सकती हैं।

सरकार के अनुसार, मौजूदा इंटरफेस बड़ी क्षमता वाली परियोजनाओं की निगरानी करता है, जिसमें 142.5 मेगावाट सौर और 68.3 मेगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता शामिल है।

गुजरात की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के आंकड़ों के अनुसार, देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगातार बढ़ रही है। अगस्त 2026 तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2,95,554.37 मेगावाट थी, जिसमें सौर ऊर्जा का हिस्सा 1,68,040.05 मेगावाट और पवन ऊर्जा का 58,520.32 मेगावाट था।

गुजरात भी देश के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा राज्यों में शामिल है। राज्य में सौर और पवन ऊर्जा क्षमता के विस्तार के साथ सरकार सरकारी भवनों में भी रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

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