भारत ने गुयाना को दी 500 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा, UPI जैसी भुगतान प्रणाली पर समझौता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने CHOGM 2026 के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात की। इस दौरान भारत ने सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा बढ़ाने की घोषणा की। दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, UPI जैसी भुगतान प्रणाली और त्वरित विकास परियोजनाओं पर भी समझौते किए।

Nov 05, 2026 - 10:31
0 0
भारत ने गुयाना को दी 500 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा, UPI जैसी भुगतान प्रणाली पर समझौता

भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के साथ विकास और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (50 करोड़ डॉलर) की ऋण सुविधा बढ़ाने की घोषणा की है। इस राशि का इस्तेमाल सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी।

जयशंकर ने बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2024 में गुयाना यात्रा के बाद भारत और गुयाना के संबंधों में लगातार मजबूती आई है। दोनों देशों के बीच सहयोग अब बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और विकास परियोजनाओं तक भी विस्तार कर रहा है।

तीन अहम क्षेत्रों में सहयोग के समझौते

बैठक के दौरान भारत और गुयाना ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से जुड़ी विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति और स्थापना का समझौता शामिल है।

इसके अलावा, त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं (Quick Impact Projects) को लागू करने के लिए अनुदान सहायता और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी। इसके तहत गुयाना में भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी भुगतान प्रणाली के संचालन में सहयोग किया जाएगा।

इन पहलों से गुयाना में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को विकसित करने और छोटे स्तर की विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रमंडल साझेदारों से आर्थिक संबंधों में विविधता लाने की अपील

गुयाना के राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले जयशंकर ने राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों और कारोबारी नेताओं के साथ आयोजित नाश्ते की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

विदेश मंत्री ने साझेदार देशों से वैश्विक जोखिमों को कम करने और आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालात में मजबूत और भरोसेमंद साझेदारियां बेहद जरूरी हैं।

भारत और गुयाना के बीच हुए ये समझौते दोनों देशों के विकास सहयोग को नई दिशा देने के साथ डिजिटल भुगतान, बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User