मोदी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले: अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा, ऊर्जा योजना को ₹14,500 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा, 92 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए ₹2,814 करोड़ और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी शामिल है।

Nov 05, 2026 - 09:13
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मोदी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले: अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा, ऊर्जा योजना को ₹14,500 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 4 नवंबर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सांख्यिकी और डेटा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘विस्तार’ योजना, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए ₹2,814 करोड़ की सहायता, ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना और अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त सेवा का अवसर शामिल है। इसके साथ ही बलात्कार और पॉक्सो मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को भी पांच साल तक जारी रखने का फैसला लिया गया।

डेटा और सर्वेक्षण व्यवस्था को मजबूत करेगी ‘विस्तार’ योजना

कैबिनेट ने ‘विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च’ (VISTAR) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना के लिए ₹4,371.10 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य देश की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक और मजबूत बनाना है। इसके तहत बड़े स्तर पर सर्वेक्षणों का संचालन, शोध की नई पद्धतियों का विकास, डिजिटल बदलाव और राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इससे नीतियां तैयार करने के लिए अधिक सटीक और समय पर आंकड़े उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए ₹2,814 करोड़

देश में महत्वपूर्ण खनिजों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने ₹2,814 करोड़ की कैपेक्स सपोर्ट योजना को मंजूरी दी है। यह योजना पांच वर्षों तक लागू रहेगी और लिथियम तथा निकेल जैसे खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देगी।

इससे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और विशेष इस्पात जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना का मकसद महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू प्रसंस्करण क्षमता विकसित करना और इनकी आपूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना है।

ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना

कैबिनेट ने ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना को भी मंजूरी दी है। इसके माध्यम से देश में कुल 92 गीगावॉट-घंटे (GWh) की नई ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

इसमें 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, 60 GWh पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं और 2 GWh उभरती हुई भंडारण तकनीकों की क्षमता शामिल है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा को बिजली ग्रिड से जोड़ने, बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने और चौबीसों घंटे भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों के लिए भी कैबिनेट ने नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके तहत पहले की व्यवस्था के अनुसार, योग्यता और मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित रक्षा सेवाओं में शामिल किया जाएगा।

वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि के पूरा होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को बेहतर वेतन, बढ़ी हुई सेवा निधि और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से प्रशिक्षित युवाओं को रक्षा बलों में आगे सेवा जारी रखने का रास्ता मिलेगा।

फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना 2030-31 तक जारी रहेगी

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडल ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी।

इसके लिए कुल ₹3,788.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत देश में 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित करने का लक्ष्य है। इनमें बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें शामिल होंगी।

सरकार के मुताबिक, इन अदालतों का उद्देश्य यौन अपराधों से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में मदद करना है।

कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्रिमंडल के ये फैसले देश की सांख्यिकी व्यवस्था, महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सेवाओं में रोजगार के अवसर और महिलाओं एवं बच्चों को न्याय दिलाने की व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े हैं।

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