पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का किया उद्घाटन, हिंजेवाड़ी को मिलेगी कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी IT हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा कि मेट्रो कनेक्टिविटी से पुणे के विकास, आवागमन और ईज ऑफ लिविंग को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। हिंजेवाड़ी के IT हब को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली यह मेट्रो लाइन शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान जब लोगों को नई सुविधाएं मिलती हैं, तो खुशियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने इस अवसर को पुणे और महाराष्ट्र के लोगों के लिए खास बताया।
हिंजेवाड़ी IT हब से शिवाजीनगर तक बेहतर सफर
पीएम मोदी ने कहा कि करीब 10 साल पहले उन्हें पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखने का अवसर मिला था। अब हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू होने से शहर के प्रमुख IT क्षेत्र को बड़ी सुविधा मिलेगी। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जुड़ता है और इसमें 23 स्टेशन हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई लाइन से पुणे के पुराने और नए हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे IT क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। आम यात्रियों के लिए इस कॉरिडोर पर सेवा 4 नवंबर से शुरू होगी।
विकसित भारत की नई ऊर्जा का केंद्र है पुणे
प्रधानमंत्री ने पुणे को विचार, नवाचार और उद्यमिता का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि IT, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में शहर ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं और मेट्रो जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं शहर के विकास को और गति देंगी।
शहरों की पहचान में ईज ऑफ लिविंग भी अहम
पीएम मोदी ने कहा कि पहले शहरों की पहचान उनके उद्योग, खान-पान और कृषि उत्पादों के आधार पर होती थी। अब किसी शहर की प्रगति को समझने के लिए उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाओं यानी ईज ऑफ लिविंग को भी देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो से यात्रा का समय बचता है, लोगों की उत्पादकता बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है। इसका लाभ गरीब और मध्यम वर्ग सहित समाज के अलग-अलग वर्गों को मिलता है। प्रधानमंत्री ने इसे जनहित और सक्रिय प्रशासन की सोच से जुड़ी पहल बताया।
2014 के बाद मेट्रो नेटवर्क का हुआ विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं। उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में मेट्रो परिवहन का व्यापक विस्तार हुआ है। सरकार ने मध्यम वर्ग के लिए आवागमन को आसान बनाने और शहरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में भारत
पीएम मोदी के मुताबिक, भारतीय मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो चुका है। देश में रोजाना एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत का परिचालन मेट्रो नेटवर्क 2014 से पहले करीब 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 1,200 किलोमीटर से अधिक हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश में सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे विद्युतीकरण, सुरंगों और पुलों सहित कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। उनके अनुसार, आधुनिक परिवहन सुविधाएं देश के शहरों को विकास की नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)