भारत-दक्षिण कोरिया नौसैनिक अभ्यास संपन्न, INS सह्याद्रि ने लिया हिस्सा
भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सह्याद्रि ने 29 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित भारत-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया। सी फेज में INS सह्याद्रि और दक्षिण कोरियाई युद्धपोत ROKS मुनमु द ग्रेट ने समन्वित नेविगेशन, हेलीकॉप्टर संचालन और संयुक्त समुद्री युद्धाभ्यास किए।
भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सह्याद्रि ने 29 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के बुसान में भारत और कोरिया गणराज्य की नौसेनाओं के बीच आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना, परिचालन समन्वय बढ़ाना और एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों को बेहतर ढंग से समझना था।
अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं के कर्मियों ने पेशेवर अनुभव साझा किए और समुद्र में संयुक्त अभियानों के लिए तालमेल विकसित किया। इसके सफल समापन को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते रक्षा एवं समुद्री सहयोग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हार्बर फेज में पेशेवर चर्चा और अनुभव साझा किए
अभ्यास के हार्बर फेज के दौरान भारतीय नौसेना और दक्षिण कोरिया की नौसेना के अधिकारियों एवं कर्मियों के बीच कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें पेशेवर चर्चाएं, क्रॉस-डेक विजिट, ऑपरेशनल ब्रीफिंग और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श शामिल रहे।
इन कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के नौसैनिकों को अपने परिचालन अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने का अवसर मिला। इसके अलावा, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों ने दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच आपसी परिचय और सौहार्द को भी बढ़ाया।
समुद्र में INS सह्याद्रि और ROKS मुनमु द ग्रेट का संयुक्त अभ्यास
सी फेज के दौरान हार्बर फेज में हुई चर्चाओं और तैयारियों को समुद्र में व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए आगे बढ़ाया गया। इस चरण में भारतीय युद्धपोत INS सह्याद्रि और दक्षिण कोरियाई युद्धपोत ROKS मुनमु द ग्रेट ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
दोनों जहाजों ने समन्वित नेविगेशन, हेलीकॉप्टर संचालन और समुद्री युद्धाभ्यास किए। इन गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं को समुद्र में एक-दूसरे के साथ काम करने की प्रक्रिया समझने और परिचालन तालमेल बेहतर बनाने का अवसर मिला।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
अभ्यास का सफल समापन भारत और कोरिया गणराज्य की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की परिचालन क्षमताओं और आपसी समझ को मजबूत करने में मदद करते हैं।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ता नौसैनिक सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के साझा प्रयासों को भी समर्थन देता है।
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