अमेरिका मध्यावधि चुनाव 2026: ट्रंप के कामकाज पर जनता का फैसला आज
अमेरिका में मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों के कामकाज की परीक्षा होगी। सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को कम से कम चार सीटों का शुद्ध लाभ चाहिए। कई राज्यों में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला है।
अमेरिका में मंगलवार, 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर देखा जा रहा है। मतदाताओं का फैसला तय करेगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों में आने वाले दो वर्षों तक किस पार्टी का दबदबा रहेगा।
सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच कई राज्यों में कड़ा मुकाबला है। करीब 10 राज्यों की सीटों पर विशेष नजर है। इनमें से कई राज्य परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत क्षेत्र माने जाते रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम चार सीटों का शुद्ध लाभ लेना होगा।
ट्रंप के इर्द-गिर्द घूमता रहा चुनाव प्रचार
इस बार के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप सबसे प्रमुख राजनीतिक चेहरा बने हुए हैं। पिछले करीब एक दशक से अमेरिकी राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना हुआ है। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कई बार कहा कि वे मतदान करते समय ऐसा मानें जैसे उनका नाम भी मतपत्र पर मौजूद है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने भी चुनाव प्रचार में ट्रंप के कार्यकाल और उनकी नीतियों को प्रमुख मुद्दा बनाया। इस तरह मुकाबला केवल स्थानीय उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के कामकाज और उनकी राजनीतिक दिशा पर जनमत संग्रह जैसा बन गया है।
रिपब्लिकन गढ़ों में भी मुकाबले पर नजर
ट्रंप ने अक्टूबर की शुरुआत से चुनावी प्रचार के लिए दो दर्जन से अधिक रैलियां कीं। इनमें बड़ी संख्या उन राज्यों की थी, जहां उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की थी।
रिपब्लिकन पार्टी के लिए इन राज्यों में भी चुनावी चुनौती अहम मानी जा रही है। पार्टी अपने पारंपरिक समर्थक क्षेत्रों में सीटें बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार उन इलाकों में भी मुकाबले को कड़ा बनाने में जुटे हैं जिन्हें पहले रिपब्लिकन का सुरक्षित गढ़ समझा जाता था।
सीनेट और प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण होगा अहम
मध्यावधि चुनाव के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस की राजनीतिक तस्वीर तय करेंगे। सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत रखने वाली पार्टी राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने या उस पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ऐसे में इस चुनाव का असर ट्रंप प्रशासन के अगले दो वर्षों के कामकाज पर पड़ सकता है। मतदान के नतीजों से यह भी साफ होगा कि अमेरिकी मतदाता राष्ट्रपति की नीतियों से कितने संतुष्ट हैं।
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