भारत दौरे पर लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस, व्यापार और तकनीक में सहयोग पर जोर
लिकटेंस्टीन के वंशानुगत युवराज एलोइस भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। युवराज ने व्यापार, निवेश, नवाचार, उन्नत विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
लिकटेंस्टीन के वंशानुगत युवराज एलोइस ने मंगलवार को भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भारत आकर उन्हें सम्मान का अनुभव हो रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।
राष्ट्रपति भवन में युवराज एलोइस का औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान युवराज ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को दर्शाती है।
भारत के साथ संबंधों को बताया महत्वपूर्ण
युवराज एलोइस ने कहा कि भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इस यात्रा को भारत और लिकटेंस्टीन के संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।
उन्होंने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) का उल्लेख करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों में अहम उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, दोनों देश मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक और कारोबारी रिश्तों को और व्यापक बना सकते हैं।
इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावना
युवराज एलोइस ने कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है। इनमें नवाचार, उन्नत विनिर्माण, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा और प्रौद्योगिकी प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इनका प्रभावी इस्तेमाल करके दीर्घकालिक आर्थिक लाभ हासिल किए जा सकते हैं। यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
वडोदरा से दिल्ली पहुंचे युवराज एलोइस
युवराज एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह यात्रा भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों में नया अध्याय जोड़ने और द्विपक्षीय सहयोग को गति देने का अवसर है।
पत्नी और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी साथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए युवराज एलोइस के साथ उनकी पत्नी राजकुमारी सोफिया और एक उच्चस्तरीय आधिकारिक एवं कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है।
वर्ष 2026 में यह उनकी भारत की दूसरी यात्रा बताई गई है। इससे पहले वह फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। इससे पहले भी वह 2010 और 2018 में भारत का दौरा कर चुके हैं।
युवराज एलोइस की मौजूदा यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है।
प्रकाशन से पहले नोट: यात्रा के कार्यक्रम, TEPA लागू होने की तारीख, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और आधिकारिक पदनामों की विदेश मंत्रालय के आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि कर लें।
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