अमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीता अमेरिकी चुनाव, रॉब टकर को हराया

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव लगातार आठवीं बार जीत लिया है। कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल जिले में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को हराया। जानिए अमी बेरा का राजनीतिक सफर, भारत से जुड़े उनके विचार और उनके परिवार की पृष्ठभूमि।

Nov 05, 2026 - 09:09
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अमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीता अमेरिकी चुनाव, रॉब टकर को हराया

वॉशिंगटन: भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव लगातार आठवीं बार जीत लिया है। कैलिफोर्निया के नए परिसीमन वाले तीसरे कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बेरा ने रिपब्लिकन प्रत्याशी रॉब टकर को हराया। इस जीत के साथ वह अमेरिकी कांग्रेस में सबसे लंबे समय से सेवा दे रहे भारतीय-अमेरिकी सांसद बने हुए हैं।

बेरा वर्ष 2013 से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं। कैलिफोर्निया में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के बाद उन्होंने इस बार तीसरे जिले से चुनाव लड़ा। उपलब्ध चुनावी नतीजों के मुताबिक, उन्हें करीब 57 प्रतिशत वोट मिले, जबकि टकर को लगभग 43 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

विदेश और खुफिया मामलों से जुड़ी समितियों में अहम भूमिका

अमी बेरा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति की पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र संबंधी उपसमिति में वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। इसके अलावा वह हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के सदस्य भी हैं। इन जिम्मेदारियों के कारण विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सितंबर 2025 में बेरा ने पांच सदस्यीय अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए भारत का दौरा किया था। उस समय ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए शुल्क बढ़ाकर एक लाख डॉलर करने की घोषणा की थी। बेरा ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि इतनी अधिक फीस अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। उनके मुताबिक, 1,000 से 4,000 डॉलर के बीच शुल्क अधिक उचित होता।

उन्होंने आशंका जताई थी कि अधिक लागत के कारण अमेरिकी टेक कंपनियां देश में रोजगार बढ़ाने के बजाय हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे भारतीय शहरों में अपना कारोबार विस्तार कर सकती हैं।

भारत पर टैरिफ लगाने की नीति पर उठाए थे सवाल

रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने और कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद भी बेरा ने ट्रंप प्रशासन की नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने भारत के साथ सीधे संवाद की वकालत करते हुए कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करनी चाहिए।

बेरा का मानना था कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने के प्रयासों में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी करीबी सहयोगी देश पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना सही तरीका नहीं है। ‘द प्रिंट’ को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने इस नीति के औचित्य पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि यदि भारत पर इतना शुल्क लगाया जा रहा है तो चीन के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया।

एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के मुद्दे पर भी उन्होंने दिसंबर 2025 में संसदीय सुनवाई के दौरान अमेरिकी कंपनियों पर पड़ने वाले संभावित असर को उठाया था।

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान से की थी तनाव घटाने की अपील

भारत और पाकिस्तान से जुड़े मामलों पर भी अमी बेरा अपनी राय रखते रहे हैं। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की थी। इसके साथ ही उन्होंने भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने की अपील की थी।

बेरा ने कहा था कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए उन्हें तनाव घटाने की दिशा में काम करना चाहिए। जून 2023 में वह अमेरिकी कांग्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान भी मौजूद थे। वर्ष 2015 में वह ‘कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमेरिकन्स’ के सह-अध्यक्ष बने थे। इस पद पर पहुंचने वाले वह पहले भारतीय-अमेरिकी सांसद थे।

गुजरात के राजकोट से अमेरिका पहुंचे थे उनके माता-पिता

अमी बेरा के माता-पिता गुजरात के राजकोट से अमेरिका जाकर बसे थे। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वह कैलिफोर्निया में पले-बढ़े और सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इरविन से स्नातक और मेडिकल की डिग्री हासिल की। अपनी मेडिकल शिक्षा का खर्च उन्होंने खुद उठाया और पढ़ाई पूरी करने के बाद उन पर 10,000 डॉलर से कम का कर्ज था।

राजनीति में आने से पहले बेरा ने करीब दो दशक तक डॉक्टर के रूप में काम किया। वह कैलिफोर्निया पैसिफिक मेडिकल सेंटर में चीफ रेजिडेंट रहे और मेडक्लिनिक मेडिकल ग्रुप में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालीं।

वह न्यू डेमोक्रेट कोएलिशन के सदस्य हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और उनकी लागत कम करना, सैक्रामेंटो क्षेत्र का विकास तथा राष्ट्रीय सुरक्षा उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

चुनावी अभियान के लिए जुटाए करीब 15 लाख डॉलर

चुनावी वित्तपोषण से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के चुनावी चक्र में बेरा के अभियान को करीब 14.9 लाख डॉलर की राशि प्राप्त हुई थी। 14 अक्टूबर 2026 तक उनके चुनावी अभियान के पास लगभग 16.5 लाख डॉलर की नकद राशि उपलब्ध थी।

लगातार आठवीं जीत के साथ बेरा ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मौजूदगी को और मजबूत किया है।

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