त्योहारी सीजन में ₹7 लाख करोड़ कारोबार का अनुमान, बाजारों में बढ़ेगी रौनक

भारत में नवरात्रि से दीपावली तक त्योहारी खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। CAIT के मुताबिक, इस अवधि में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। किराना, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और सेवा क्षेत्र में संभावित मांग के साथ खादी, ग्रामोद्योग और स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

Oct 16, 2026 - 16:26
0 0
त्योहारी सीजन में ₹7 लाख करोड़ कारोबार का अनुमान, बाजारों में बढ़ेगी रौनक

नवरात्रि से शुरू हुए त्योहारी सीजन में देशभर के बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषणों, मिठाइयों और घरेलू सजावट से जुड़े कारोबारियों को इस दौरान अच्छी बिक्री की आशा है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुमान के मुताबिक, नवरात्रि से दीपावली तक देश में त्योहारी कारोबार 7 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है। संगठन का आकलन है कि यह पिछले साल के लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपये के कारोबार से 15 से 18 प्रतिशत अधिक हो सकता है।

हालांकि, यह आंकड़ा व्यापारिक संगठन का अनुमान है, अंतिम सत्यापित राष्ट्रीय बिक्री आंकड़ा नहीं। सरकारी आर्थिक संकेतक, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और त्योहारी छूट इस दौरान बाजार की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

महंगाई और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर नजर

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.54 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 6.08 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.88 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 7.74 प्रतिशत रही।

त्योहारी मांग के दौरान जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है। खबर में दिए गए विवरण के मुताबिक, सरकार ने 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चीनी के भंडारण से संबंधित मानदंडों में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य जमाखोरी पर रोक लगाने और बाजार में आपूर्ति बनाए रखने में मदद करना है।

खादी और स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा

त्योहारी खरीदारी में खादी, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इस क्षेत्र को रोजगार सृजन और स्थानीय उद्यमों के लिए अहम माना जाता है।

खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, 2 अक्टूबर से 16 नवंबर 2026 तक खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक विशेष छूट की घोषणा की गई है।

वहीं, जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत ट्राइफेड की ओर से जयपुर में 13 से 20 अक्टूबर तक ‘आदि बाजार’ आयोजित किया जा रहा है। इसमें जनजातीय कारीगरों के हस्तशिल्प, वस्त्र और अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर है। ऐसे आयोजन स्थानीय उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर देते हैं।

GST संग्रह में वृद्धि से कारोबारी गतिविधियों के संकेत

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह लगभग 12.46 लाख करोड़ रुपये रहने का आंकड़ा खबर में दिया गया है। इसमें सालाना आधार पर 11.6 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया गया है। कर संग्रह और पंजीकृत कारोबारियों की संख्या में बदलाव आर्थिक गतिविधियों के संकेत दे सकते हैं, हालांकि केवल GST संग्रह से त्योहारी बिक्री में हुई वृद्धि का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता।

CAIT का अनुमान: ₹7 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है कारोबार

CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, इस साल नवरात्रि से दीपावली के बीच त्योहारी कारोबार 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। संगठन के पिछले साल के आकलन में करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार शामिल था, जिसमें 5.40 लाख करोड़ रुपये वस्तुओं की बिक्री और 65,000 करोड़ रुपये सेवा क्षेत्र से जुड़े थे।

CAIT के अनुमान के अनुसार, किराना और FMCG, सोना-चांदी एवं आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े, उपहार, फर्नीचर और होम डेकोर जैसे क्षेत्रों को त्योहारी मांग से फायदा मिल सकता है।

परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, होटल, कैटरिंग, टेंट-डेकोरेशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसी सेवाओं में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। संगठन ने सेवा क्षेत्र में 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि और 80,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक कारोबार का अनुमान लगाया है।

‘वोकल फॉर लोकल’ पर कारोबारियों का जोर

प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि स्थानीय उत्पादों, भारतीय ब्रांडों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलने से घरेलू कारोबार को समर्थन मिल सकता है। उन्होंने संभावित त्योहारी कारोबार को देश की उपभोक्ता मांग और स्थानीय बाजारों की क्षमता से जोड़ा।

नवरात्रि से दीपावली तक का समय कारोबारियों के लिए साल के महत्वपूर्ण बिक्री दौरों में शामिल रहता है। इस वर्ष वास्तविक कारोबार कितना रहता है, इसका आकलन त्योहारी अवधि समाप्त होने के बाद उपलब्ध बिक्री और संबंधित आधिकारिक आंकड़ों से अधिक स्पष्ट होगा। फिलहाल, CAIT का अनुमान बाजारों में संभावित तेजी की ओर संकेत करता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User