सऊदी अरब के समर्थन में भारत, हूती हमलों पर जताई चिंता
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सऊदी अरब के समर्थन में एकजुटता जताई और हूती हमलों पर चिंता व्यक्त की। भारतीय प्रतिनिधि पी. हरीश ने यमन की संप्रभुता, नागरिकों की सुरक्षा तथा लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया।
India-Saudi Arabia Relations: भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के समर्थन में अपनी एकजुटता दोहराई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा टकराव कम करने की अपील की।
पी. हरीश ने कहा कि भारत सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया।
नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा
भारतीय प्रतिनिधि ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में लोगों की जान गई है और प्रभावित लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, हैदराबाद निवासी आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली की रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मौत हुई। बताया गया है कि वह धार्मिक यात्रा पर थे। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिकों की जान की रक्षा से जुड़ी चिंताओं को फिर सामने ला दिया है।
यमन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में भारत
भारत ने यमन की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। पी. हरीश ने देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया।
हूती एक सशस्त्र विद्रोही समूह है, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। इस समूह को ईरान का समर्थन मिलने की बात कही जाती है। दूसरी ओर, सऊदी अरब यमन की मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है। यमन का संघर्ष लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों के संबंधों को प्रभावित करता रहा है।
लाल सागर और बाब अल-मंदेब की सुरक्षा पर चिंता
भारत ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। पी. हरीश के मुताबिक, इन समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल किसी एक देश का मुद्दा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का साझा हित है।
उन्होंने समुद्री जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के लिए खतरा पैदा करते हैं। इन घटनाओं से भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील
भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य पूर्व में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
भारत ने अपने बयान के जरिए सऊदी अरब की संप्रभुता के समर्थन के साथ-साथ यमन की क्षेत्रीय अखंडता, नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की रक्षा पर भी जोर दिया है। भारत की अपील है कि संबंधित पक्ष संयम बरतें और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कदम उठाएं।
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