ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का किया उद्घाटन, संसदों की भूमिका पर जोर
नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का उद्घाटन करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसदें देशों के बीच विश्वास मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय तनाव घटाने और वैश्विक चुनौतियों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की संसदें आपसी विश्वास बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय तनाव कम करने और वैश्विक समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि आज दुनिया कई साझा चुनौतियों का सामना कर रही है। क्षेत्रीय संघर्ष, युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, व्यापारिक तनाव, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ता है।
संवाद और कूटनीति की अहमियत
ओम बिरला ने कहा कि इन चुनौतियों के बीच देशों के बीच संवाद, कूटनीति और सहयोग को मजबूत करना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आपसी समझ और भरोसे को बढ़ावा देने तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संसदें केवल अपने-अपने देशों के कानून बनाने तक सीमित नहीं हैं। वे विभिन्न देशों के बीच संवाद का मंच बनकर गलतफहमियां दूर करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने में भी योगदान दे सकती हैं।
नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का आयोजन नई दिल्ली में दो दिनों के लिए किया जा रहा है। भारत ने जून 2025 में ब्रासीलिया में आयोजित 11वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान इसकी अध्यक्षता संभाली थी। उसी समय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 12वें मंच का अध्यक्ष नामित किया गया था।
इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के संसदीय प्रतिनिधियों के बीच वैश्विक चुनौतियों, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संवाद से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
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