‘खेलो इंडिया’ बना युवा प्रतिभाओं का मंच, पीएम मोदी ने युवाओं से कहा- खेलों में बढ़ाएं भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से संवाद किया। उन्होंने खेलों को प्रतिभा पहचानने और युवाओं को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक युवा और एथलीट भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल बातचीत की। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ देश की खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण व अवसर देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
गांधीनगर में भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 300 से अधिक युवा और एथलीट शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस से जुड़े इस कार्यक्रम में देशभर के 5,000 से ज्यादा कॉलेजों ने भागीदारी की। इसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अर्जुन व द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त लोग भी जुड़े।
मांडविया के मुताबिक, कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने युवाओं के साथ बातचीत कर खेलों में आगे बढ़ने और देश की खेल संस्कृति को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश युवाओं को फिटनेस, प्रतिस्पर्धा और खेलों में करियर के अवसरों की ओर प्रेरित करेगा।
केंद्र सरकार देश में खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। सरकार की ओर से खेल क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे और इकोसिस्टम के विकास के लिए 36 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य खेल अकादमियों और सुविधाओं को बेहतर बनाकर अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना है।
युवा खिलाड़ियों की पहचान के लिए ‘खेलो इंडिया स्कूल गेम्स’, ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ और ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ जैसे आयोजनों को भी महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार ग्रामीण और तटीय इलाकों में मौजूद प्रतिभाओं को भी मुख्य खेल व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दे रही है।
गांधीनगर कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को उत्साह बढ़ाने वाला बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि युवाओं को फिटनेस पर ध्यान देने के साथ नशे से दूर रहकर देश के विकास में भूमिका निभानी चाहिए। साथ ही उन खेलों में भी भारत की स्थिति मजबूत करने की जरूरत है, जहां देश अभी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
कुल मिलाकर, ‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए सरकार ने युवा प्रतिभाओं को अवसर देने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और भारत के खेल ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखा।
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