गांवों को डिजिटल ताकत देगा ‘दानवीर’, ग्राम पंचायतों को सीधे कंप्यूटर दान कर सकेंगे लोग
पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए ‘दानवीर’ पहल शुरू की है। ‘मेरी पंचायत’ ऐप के जरिए जरूरतमंद ग्राम पंचायत का चयन कर कंप्यूटर दान किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रैक करने योग्य होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने ‘दानवीर’ नाम से नई जन-सहभागिता पहल शुरू की है। इसके तहत आम नागरिक, संस्थाएं, कॉरपोरेट और अन्य इच्छुक संगठन सत्यापित ग्राम पंचायतों को सीधे डेस्कटॉप कंप्यूटर उपलब्ध करा सकेंगे।
‘मेरी पंचायत’ ऐप से चुन सकेंगे पंचायत
मंत्रालय के मुताबिक, ‘मेरी पंचायत’ ऐप पर उन ग्राम पंचायतों की सूची उपलब्ध कराई जा रही है, जिन्हें संबंधित राज्य सरकारों ने सत्यापित किया है और जहां कंप्यूटर की आवश्यकता है। दानदाता अपनी मूल ग्राम पंचायत या सूची में मौजूद किसी अन्य पात्र पंचायत को चुनकर योगदान कर सकते हैं।
ऑनलाइन खरीद की तरह आसान होगी प्रक्रिया
पंचायत चुनने के बाद ‘डोनेट कंप्यूटर’ विकल्प के जरिए दानदाता को डिजीहाट, यानी ओएनडीसी-सक्षम डिजिटल मार्केटप्लेस पर भेजा जाता है। चयनित पंचायत का पता और प्राप्तकर्ता से जुड़ी जानकारी पहले से उपलब्ध रहती है। इसके बाद दानदाता निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कंप्यूटर पैकेज चुनकर डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।
ऑर्डर से लेकर डिलीवरी तक पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है। इसमें ऑर्डर की पुष्टि, डिस्पैच, डिलीवरी और पंचायत द्वारा सामान प्राप्त करने की जानकारी शामिल है।
डिलीवरी के बाद मिलेगा प्रशंसा प्रमाण पत्र
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा कंप्यूटर की डिलीवरी की पुष्टि करने के बाद दानदाता को डिजिटल प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, इससे योगदान को औपचारिक मान्यता मिलने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बनी रहेगी।
पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
सरकार का मानना है कि कंप्यूटर उपलब्ध होने से ग्राम पंचायतों में डिजिटल शासन व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू करने में सहायता मिलेगी। वित्तीय प्रबंधन, रिकॉर्ड रखने, विकास योजनाओं की निगरानी और नागरिक सेवाओं से जुड़े काम अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
प्रवासी भारतीय और सीएसआर संस्थाओं के लिए भी मौका
‘दानवीर’ के जरिए ऐसे लोग भी अपने गांवों के डिजिटल विकास में योगदान कर सकते हैं, जो रोजगार या अन्य कारणों से अपने मूल गांव से दूर रहते हैं। प्रवासी भारतीयों के अलावा सामाजिक संस्थाएं, परोपकारी संगठन और सीएसआर के तहत काम करने वाली कंपनियां भी इस पहल में भाग ले सकती हैं।
27 अगस्त तक मिले 75 दान
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, 27 अगस्त 2026 तक ‘दानवीर’ पहल के तहत 75 कंप्यूटर दान प्राप्त हो चुके थे। मंत्रालय का कहना है कि अलग-अलग राज्यों से और ग्राम पंचायतों के जुड़ने के साथ यह पहल व्यापक जनभागीदारी का रूप ले सकती है।
मंत्रालय ने नागरिकों, कॉरपोरेट समूहों, सीएसआर भागीदारों, सामाजिक संगठनों और भारतीय प्रवासी समुदाय से आगे आकर इस पहल से जुड़ने की अपील की है। इसका उद्देश्य सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी को जोड़कर ग्रामीण भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
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