चीनी के दाम में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में 3.85% सस्ती हुई चीनी; सरकार के कदम का दिखने लगा असर
सरकारी कदमों के बाद चीनी की औसत खुदरा कीमत में एक सप्ताह में 3.85 प्रतिशत की गिरावट आई है। थोक भाव भी घटा है, हालांकि पुराने स्टॉक के कारण खुदरा बाजार में इसका असर पूरी तरह दिखने में समय लग सकता है।
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में चीनी की औसत खुदरा कीमत में 3.85 प्रतिशत की कमी आई है। इसके बाद चीनी का औसत खुदरा भाव घटकर 62.57 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है।
एक सप्ताह पहले चीनी की औसत खुदरा कीमत 65.08 रुपये प्रति किलोग्राम थी। हालांकि, मौजूदा कीमत अभी भी पिछले महीने के 49.33 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले करीब 27 प्रतिशत अधिक है।
थोक कीमतों में भी आई कमी
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत थोक कीमत भी कम हुई है। 2 सितंबर को थोक बाजार में चीनी का औसत भाव 57.62 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि एक सप्ताह पहले यह 60.39 रुपये प्रति किलोग्राम था।
बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि थोक कीमतों में गिरावट का असर खुदरा बाजार में तुरंत नजर नहीं आता। इसकी बड़ी वजह खुदरा कारोबारियों के पास पहले से मौजूद महंगा स्टॉक है।
पुराने स्टॉक की वजह से खुदरा कीमतों में देरी
खुदरा विक्रेताओं ने पहले अधिक कीमत पर चीनी खरीदी थी। ऐसे में वे पुराने स्टॉक को नुकसान में बेचने से बचते हैं और मौजूदा बाजार भाव के आसपास ही बिक्री करते हैं।
आमतौर पर एक दुकानदार के पास 50-50 किलोग्राम की करीब 10 से 15 बोरियां चीनी का स्टॉक रहता है। जब नया माल कम कीमत पर खरीदा जाता है, तभी खुदरा कीमतों में गिरावट का असर ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देने की उम्मीद होती है।
उद्योग से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, थोक कीमतों में कमी का असर खुदरा बाजार में पूरी तरह दिखाई देने में कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है।
सरकार ने उठाए कई कदम
चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें करीब 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति देना और थोक उपभोक्ताओं तथा कारोबारियों के लिए चीनी के भंडारण से जुड़े नियमों को सख्त करना शामिल है।
सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
उत्पादन अनुमान में भी कटौती
दूसरी ओर, 2025-26 मार्केटिंग वर्ष के लिए देश के चीनी उत्पादन अनुमान में कमी की गई है। पहले उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन था, जिसे घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है।
वहीं, देश में चीनी की सालाना मांग करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है। ऐसे में उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक और सरकारी नीतियों के बीच संतुलन कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)