तिरुपति एयरपोर्ट पर CISF की एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा
तिरुपति एयरपोर्ट पर CISF ने एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज 2026 आयोजित की। अभ्यास में कई सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों ने हिस्सा लेकर संकट की स्थिति में अपनी तैयारी और आपसी तालमेल को परखा।
तिरुपति: तिरुपति एयरपोर्ट पर गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए CISF ने एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज आयोजित की। इस अभ्यास में विमान के हाईजैक होने के बाद उसके एयरपोर्ट पर उतरने जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, ताकि संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल का आकलन किया जा सके।
CISF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस अभ्यास की जानकारी साझा की। अधिकारियों के मुताबिक, यह वार्षिक Anti-Hijacking Mock Exercise (AHME) 2026 एयरपोर्ट की निर्धारित इमरजेंसी और एंटी-हाइजैकिंग योजना के तहत कराई गई।
कई एजेंसियों ने लिया सक्रिय हिस्सा
मॉक ड्रिल के दौरान CISF के साथ राज्य पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एयरलाइंस, फायर सर्विस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS), मेडिकल टीम और अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल रहीं।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि किसी गंभीर सुरक्षा संकट की स्थिति में अलग-अलग एजेंसियां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं और उनके बीच समन्वय किस तरह काम करता है।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स की तैयारियों का हुआ आकलन
CISF के अनुसार, मॉक एक्सरसाइज के जरिए सुरक्षा बलों और संबंधित विभागों की ऑपरेशनल रेडीनेस को जांचा गया। इसमें आपात स्थिति के दौरान जरूरी संसाधनों की उपलब्धता, एजेंसियों के बीच कम्युनिकेशन और तत्काल कार्रवाई की क्षमता पर ध्यान दिया गया।
एयरोड्रोम कमेटी ने अभ्यास के बाद इसके परिणामों की समीक्षा की और माना कि तय किए गए उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर भी हुई थी संयुक्त मॉक ड्रिल
इससे पहले 1 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई थी।
यह अभ्यास टर्मिनल-2 के पास पुराने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) क्षेत्र में किया गया था। इसमें CISF, दिल्ली पुलिस, NSG, Delhi Fire Service, BCAS, DGCA, ARFF, RAXA, DIAL समेत कई संबंधित एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
नए सुरक्षा खतरों से निपटने की तैयारी पर जोर
दिल्ली में हुई मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य वास्तविक संकट की स्थिति में एजेंसियों की प्रतिक्रिया को परखना, उनके बीच समन्वय बेहतर करना और जरूरी संसाधनों को समय पर सक्रिय करने की क्षमता का परीक्षण करना था।
लगातार इस तरह के अभ्यासों के जरिए एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां संभावित हाईजैकिंग, आतंकी खतरे और अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करती हैं।
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