मेघालय में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहा SPARK कार्यक्रम, CM संगमा ने बताई इसकी अहमियत
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने SPARK कार्यक्रम को युवाओं में आत्मविश्वास, समस्या समाधान और बदलती तकनीक के अनुरूप ढलने की क्षमता विकसित करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा है कि तेजी से बदलती तकनीक के बीच युवाओं के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा। आने वाले समय में जिम्मेदारी समझना, अपने उद्देश्य से जुड़े रहना, समस्याओं को पहचानना और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशना जैसी क्षमताएं बेहद महत्वपूर्ण होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य का SPARK कार्यक्रम विद्यार्थियों में इन्हीं कौशलों को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
तुरा में आयोजित SPARK Meghalaya District Talent Event में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों का परिणाम सामने आने में कई वर्ष लग सकते हैं, जबकि तकनीकी दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों के लिए तैयार करना जरूरी है।
2024 में शुरू हुआ था SPARK
मुख्यमंत्री के मुताबिक, SPARK की शुरुआत वर्ष 2024 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। शुरुआती चरण में मेघालय के सभी 12 जिलों के 25 सरकारी स्कूलों के 5,143 विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़ा गया था।
बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से कार्यक्रम का विस्तार किया गया। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत एक उल्लेखनीय पहल के रूप में भी पहचान मिली।
संगमा ने कहा कि तकनीक आने वाले समय में कई नियमित और दोहराव वाले कामों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन मानवीय सोच, समस्या समाधान और निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता बनी रहेगी।
उच्च शिक्षा और रोजगार का विकल्प नहीं है SPARK
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि SPARK को उच्च शिक्षा, कौशल विकास या रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को इस तरह तैयार करना है कि वे आगे मिलने वाले शिक्षा और रोजगार के अवसरों का अधिक प्रभावी तरीके से लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास, अनुकूलन क्षमता और समस्या सुलझाने की सोच विकसित करना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निवेश है।
12 हजार से ज्यादा छात्रों तक पहुंचा कार्यक्रम
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, SPARK अब 53 मॉडल परिसरों के 12,078 विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इनमें 6,592 छात्राएं और 5,486 छात्र शामिल हैं। व्यापक स्तर पर इस पहल से अब तक 20,000 से अधिक विद्यार्थियों के लाभान्वित होने की जानकारी दी गई है।
कार्यक्रम के साथ शिक्षकों को भी जोड़ा गया है। SPARK for Teachers के तहत 287 स्कूलों के 526 शिक्षकों ने जिला मुख्यालयों पर 30 घंटे का विशेष अर्ध-आवासीय प्रशिक्षण पूरा किया है।
संगमा ने साझा किया अपना अनुभव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय उन्हें भी कभी घबराहट होती थी और उनके विद्यार्थी जीवन में SPARK जैसा मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कार्यक्रम की टीम और सहयोगी संस्था एवेन्यू के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही आत्मविश्वास और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिलना उनके व्यक्तित्व विकास में मदद करता है।
खेल प्रतिभाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने मेघालय की खेल प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के दूरदराज इलाकों में भी असाधारण क्षमता वाले बच्चे मौजूद हैं। कई प्रतिभाओं के पास औपचारिक प्रशिक्षण या बेहतर खेल सुविधाएं नहीं होने के बावजूद वे उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि मेघालय की प्रगति का आकलन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिभा के विकास से किया जाना चाहिए।
संगमा ने भरोसा जताया कि SPARK को लंबे समय तक जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि आज विद्यार्थियों में विकसित किया जा रहा आत्मविश्वास और समस्या समाधान की क्षमता भविष्य में मेघालय की महत्वपूर्ण ताकत बन सकती है।
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