India-Belgium Defence: भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग होगा मजबूत, मिलिट्री एक्सचेंज और ट्रेनिंग बढ़ाने पर सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के पीएम बार्ट डी वेवर की वार्ता में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, मिलिट्री एक्सचेंज और ट्रेनिंग का विस्तार करने तथा रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

Sep 03, 2026 - 17:24
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India-Belgium Defence: भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग होगा मजबूत, मिलिट्री एक्सचेंज और ट्रेनिंग बढ़ाने पर सहमति

नई दिल्ली में भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने को लेकर अहम सहमति बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग भारत-बेल्जियम रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार है। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल को देखते हुए दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रक्षा उद्योगों के बीच बढ़ेगा सहयोग

पीएम मोदी के मुताबिक, दोनों देशों की सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों के विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। भारत और बेल्जियम ने सैन्य आदान-प्रदान के साथ-साथ प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।

इसके अलावा दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध से निपटने में सहयोग मजबूत करने की योजना है। भारत का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच ऐसे सहयोग को और प्रभावी बनाना जरूरी है।

पारंपरिक रिश्तों से रणनीतिक साझेदारी तक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत-बेल्जियम संबंधों में काफी विस्तार हुआ है। दोनों देशों की साझेदारी अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है।

आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग भी दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।

जोरावर टैंक और रक्षा तकनीक पर सहयोग

रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जोरावर टैंक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। इससे दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं और उत्पादन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

काकीनाडा में ग्रीन अमोनिया परियोजना

भारत-बेल्जियम सहयोग का एक अहम क्षेत्र स्वच्छ ऊर्जा भी है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित की जा रही ग्रीन अमोनिया परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दुनिया की बड़ी ग्रीन अमोनिया पहलों में शामिल है।

नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े समझौते से दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

प्रथम विश्व युद्ध से जुड़ी साझा विरासत

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और बेल्जियम के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक स्मृति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच संपर्क ने भारत और बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बनाया है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा

वैश्विक परिस्थितियों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। इसका प्रभाव खाद्य, ईंधन और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है।

इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति कायम रखी है। प्रधानमंत्री ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा वैश्विक स्तर पर भरोसे और नए अवसरों का आधार बन रही है।

भारत-ईयू व्यापार समझौते से बढ़ेंगी संभावनाएं

पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम है।

इससे व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी के विस्तार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। दोनों देशों ने इन अवसरों को ठोस परियोजनाओं और परिणामों में बदलने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया है।

स्वच्छ ऊर्जा बनेगा सहयोग का बड़ा क्षेत्र

भारत और बेल्जियम के बीच नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ समझौता सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को गति दे सकता है।

आने वाले समय में ऊर्जा संक्रमण, हरित विकास, रक्षा तकनीक और औद्योगिक सहयोग भारत-बेल्जियम रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र बन सकते हैं।

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