India-Belgium Defence Deal: राजनाथ सिंह और थियो फ्रांकेन की अहम बैठक, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर जोर
राजनाथ सिंह और बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रांकेन के बीच नई दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और रक्षा कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रांकेन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण बैठक की। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) और अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए।
इन समझौतों का उद्देश्य भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता को बेल्जियम की तकनीक के साथ जोड़कर रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तैयार करना है। दोनों पक्षों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने के रास्तों पर भी चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने कहा- चुनौतियों का मिलकर करना होगा सामना
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि थियो फ्रांकेन के साथ हुई बातचीत बेहद उपयोगी रही। दोनों पक्षों ने भारत-बेल्जियम के रक्षा संबंधों और रक्षा औद्योगिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के भू-राजनीतिक और आर्थिक दबावों से गुजर रही है। इनमें से कई परिस्थितियां भारत या बेल्जियम की वजह से उत्पन्न नहीं हुई हैं, लेकिन बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है।
आपसी सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित संबंध
रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत और बेल्जियम के संबंध लंबे समय से मित्रतापूर्ण और मजबूत रहे हैं। दोनों देशों की साझेदारी आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति साझा विश्वास पर टिकी है।
राजनाथ सिंह ने जुलाई 2026 में हुए भारत-बेल्जियम रणनीतिक संवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संवाद ने दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक संस्थागत मंच उपलब्ध कराया है, जिसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी अहम हिस्सा है।
रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी पर विशेष जोर
बैठक में रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर खास ध्यान दिया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और बेल्जियम के रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
भारत की ओर से बेल्जियम और भारतीय रक्षा कंपनियों के बीच ज्यादा सहयोग का स्वागत किए जाने की बात कही गई। इससे तकनीकी साझेदारी, संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं और रक्षा उत्पादन से जुड़े नए अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
थियो फ्रांकेन की दूसरी भारत यात्रा
राजनाथ सिंह ने थियो फ्रांकेन की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेल्जियम के रक्षा मंत्री के तौर पर फ्रांकेन की यह भारत की दूसरी यात्रा है।
उन्होंने मार्च 2025 में फ्रांकेन और बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड के साथ हुई अपनी मुलाकातों को भी याद किया। राजनाथ सिंह के अनुसार, इन संपर्कों ने दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच हुई वार्ता
भारत और बेल्जियम के रक्षा मंत्रियों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और आर्थिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और यूक्रेन युद्ध समेत कई घटनाओं ने वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां पैदा की हैं।
ऐसे माहौल में भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में हुई यह बातचीत दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के विस्तार का संकेत देती है। रक्षा उद्योग, तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और गति मिलने की उम्मीद है।
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