जयशंकर का यूक्रेन-पोलैंड दौरा, काला सागर समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, काला सागर की स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अहम चर्चा होगी।

Sep 02, 2026 - 15:01
0 0
जयशंकर का यूक्रेन-पोलैंड दौरा, काला सागर समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी अहम बैठकें होंगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य भारत के दोनों देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करना तथा क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।

यूक्रेन में जयशंकर की मुलाकात विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा से होगी। वहीं, पोलैंड में वह उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ बातचीत करेंगे। दोनों बैठकों में आपसी हित से जुड़े मुद्दों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होने की संभावना है।

काला सागर की स्थिति पर भी होगी चर्चा

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब काला सागर क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री आवाजाही को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। 26 अगस्त को जयशंकर और यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।

इस बातचीत में सिबीहा ने काला सागर की मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी दी थी। दोनों नेताओं ने समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही बहाल करने के संभावित उपायों पर भी चर्चा की थी।

यूक्रेन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कहा था कि काला सागर में समुद्री मार्गों और जहाजों पर बढ़ते हमलों का असर केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रह सकता। यूक्रेन अपने कृषि उत्पादों के बड़े हिस्से का निर्यात समुद्री मार्गों के जरिए करता है।

ऐसे में समुद्री परिवहन में किसी भी तरह की बाधा से खाद्य निर्यात प्रभावित होने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ने की चिंता जताई गई है।

भारत-यूक्रेन सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर

जयशंकर और सिबीहा की बातचीत में भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई थी। दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

जयशंकर की आगामी यात्रा को इसी उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

पोलैंड के साथ संबंधों पर भी फोकस

पोलैंड यात्रा के दौरान जयशंकर वहां के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ वार्ता करेंगे। दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के साथ यूरोप और क्षेत्रीय परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।

भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

कूटनीति और संवाद को भारत का समर्थन

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच भारत ने लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यूक्रेन और पोलैंड की यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के सक्रिय कूटनीतिक संपर्क का हिस्सा है।

दौरे के दौरान क्षेत्रीय घटनाक्रमों के साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और आपसी हित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User