US Green Card: भारतीयों की बढ़ सकती है मुश्किल, EB-1 वीजा कोटा खत्म होने की आशंका

अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों की मुश्किल बढ़ सकती है। सितंबर वीजा बुलेटिन के मुताबिक EB-1 India का कोटा 30 सितंबर से पहले खत्म होने की आशंका है, जबकि EB-2 और EB-3 में भी लंबा बैकलॉग बना हुआ है।

Sep 03, 2026 - 12:17
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US Green Card: भारतीयों की बढ़ सकती है मुश्किल, EB-1 वीजा कोटा खत्म होने की आशंका

अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन चिंता बढ़ाने वाला है। अमेरिकी विदेश विभाग ने संकेत दिया है कि रोजगार आधारित पहली प्राथमिकता वाली श्रेणी EB-1 में भारत के लिए तय वीजा संख्या वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले समाप्त हो सकती है। अगर उपलब्ध संख्या पूरी तरह इस्तेमाल हो जाती है, तो EB-1 India को कुछ समय के लिए ‘Unavailable’ किया जा सकता है।

30 सितंबर से पहले खत्म हो सकता है EB-1 कोटा

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, भारत से EB-1 श्रेणी में वीजा की मांग काफी ज्यादा बनी हुई है। अमेरिका का मौजूदा वित्तीय वर्ष 30 सितंबर को समाप्त होता है। विभाग ने अनुमान जताया है कि भारत के लिए उपलब्ध EB-1 वीजा संख्या इससे पहले ही पूरी हो सकती है।

ऐसी स्थिति में सितंबर के बाकी हफ्तों के दौरान इस कैटेगरी में वीजा उपलब्धता अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। हालांकि, विदेश विभाग उपलब्धता और मांग की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

EB-1 में किन लोगों को जगह मिलती है?

EB-1 अमेरिका की रोजगार आधारित इमिग्रेशन व्यवस्था की पहली प्राथमिकता वाली श्रेणी है। इसमें मुख्य रूप से असाधारण क्षमता रखने वाले व्यक्ति, प्रतिष्ठित प्रोफेसर और शोधकर्ता तथा कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और मैनेजर शामिल होते हैं।

आमतौर पर इसे रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की महत्वपूर्ण कैटेगरी माना जाता है। इसलिए इसकी संभावित अनुपलब्धता का असर लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे भारतीय आवेदकों पर पड़ सकता है।

EB-1 India की Final Action Date क्या है?

सितंबर वीजा बुलेटिन में भारतीय आवेदकों के लिए EB-1 की Final Action Date 15 अक्टूबर 2022 रखी गई है। इसका मतलब है कि सामान्य तौर पर उन मामलों में अंतिम वीजा कार्रवाई की जा सकती है जिनकी प्राथमिकता तारीख इस तारीख से पहले की है।

यह स्थिति बताती है कि EB-1 जैसी प्राथमिकता वाली श्रेणी में भी भारतीय आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण बैकलॉग मौजूद है।

EB-2 India में सितंबर में कोई वीजा उपलब्ध नहीं

भारतीय आवेदकों के लिए EB-2 की स्थिति और ज्यादा कठिन बनी हुई है। सितंबर वीजा बुलेटिन में EB-2 India को ‘U’ यानी Unavailable बताया गया है।

‘U’ का अर्थ है कि संबंधित अवधि में उस श्रेणी के तहत कोई वीजा जारी नहीं किया जा सकता। अगस्त में भी EB-2 India की स्थिति Unavailable थी और सितंबर में इसमें बदलाव नहीं हुआ।

EB-3 India की कतार भी बेहद लंबी

EB-3 श्रेणी में भी भारतीय आवेदकों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। सितंबर में EB-3 India की Final Action Date 1 जनवरी 2014 निर्धारित की गई है।

यानी इस कैटेगरी में भारतीय आवेदकों की प्राथमिकता तारीख करीब 12 साल से भी ज्यादा पीछे चल रही है। वहीं, अधिकांश अन्य देशों के लिए EB-3 की Final Action Date 1 सितंबर 2024 है।

चीन के लिए यह तारीख 1 जनवरी 2022 और फिलीपींस के लिए 1 अगस्त 2023 है। इससे भारतीय आवेदकों और दूसरे देशों के आवेदकों के बीच ग्रीन कार्ड के इंतजार में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है।

EB-5 में भी भारत को सितंबर में राहत नहीं

निवेश के माध्यम से ग्रीन कार्ड हासिल करने वाली EB-5 श्रेणी में भी सितंबर में भारतीय आवेदकों के लिए Final Action उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, कुछ आरक्षित EB-5 कैटेगरी—जैसे ग्रामीण क्षेत्रों, अधिक बेरोजगारी वाले क्षेत्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़ी श्रेणियां—सभी देशों के लिए ‘Current’ हैं।

भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों की बढ़ सकती है चिंता

यदि EB-1 India को वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अस्थायी रूप से Unavailable कर दिया जाता है, तो इसका सीधा असर उन भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है जो इसी श्रेणी के जरिए अमेरिकी स्थायी निवास की प्रक्रिया में हैं।

पहले से ही EB-2 और EB-3 में भारी बैकलॉग मौजूद है। ऐसे में EB-1 की संभावित अस्थायी अनुपलब्धता भारतीय आवेदकों के लिए अमेरिका का ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

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